अतिक्रमणकारियों को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से एक कड़ा और बड़ा संदेश गया है। हम आपको बता दें कि दिल्ली नगर निगम के 32 बुलडोजर धड़धड़ाते हुए अतिक्रमण वाले इलाके में पहुँचे और अवैध निर्माण को मिट्टी में मिला दिया। इस दौरान अतिक्रमणकारियों ने पथराव किया जिसके चलते पुलिस को सख्ती करनी पड़ी।
हम आपको बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर दिल्ली नगर निगम का दस्ता अतिक्रमण हटाने के लिए पहुँचा था लेकिन अतिक्रमणकारियों ने पथराव कर दिया जिसमें पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति यह हो गयी कि हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। हालांकि बाद में स्थिति सामान्य कर दी गयी। बताया जा रहा है कि पुलिस ने अब तक 10 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है।
हम आपको बता दें कि पुलिस उपायुक्त (मध्य) निधिन वलसन ने कहा है कि एमसीडी को छह और सात जनवरी की दरमियानी रात को अतिक्रमण अभियान को अंजाम देना था, जिसके मद्देनजर पुलिस कर्मियों को उन स्थानों पर तैनात किया गया था लेकिन एमसीडी का साजो सामान पहुंचने से पहले ही वहां लगभग 100-150 लोग इकट्ठा हो गए।
अधिकारी ने बताया कि अदालत ने फैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास स्थित एक ‘बैंक्वेट हॉल’ और एक औषधालय को अतिक्रमण घोषित किया था और इन्हें ही ढहाया जाना था। पुलिस ने बताया कि यह जमीन एमसीडी की है और उसने प्रस्तावित विध्वंस के बारे में पुलिस को पहले ही सूचित कर दिया था और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल की तैनाती की मांग की थी।


