वर्षों से लंबित मांगों को लेकर हड़ताल के चलते दफ्तरों में सन्नाटा, कामकाज प्रभावित

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों और अधिकारियों की वर्षों से लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर बड़ा आंदोलन शुरू हो गया है। प्रदेश के 4 लाख से अधिक कर्मचारी-अधिकारी आज से हड़ताल पर चले गए हैं। इस आंदोलन के कारण राज्य के लगभग सभी विभागों का कामकाज प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के सदस्यों ने प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध चिकित्सालयों में 29, 30 और 31 दिसंबर को होने वाले निश्चितकालीन आंदोलन के लिए फॉर्म भर दिए हैं।

यानी आज से अगले 2 दिन तक नर्सिंग स्टाफ आंदोलन में रहेंगे। यह संघ के चरणबद्ध आंदोलन का चौथा चरण है। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि 3 दिन के आंदोलन के बाद भी शासन ने मुख्य मांगों पर संवेदनशीलता नहीं दिखाई, तो प्रदेश स्तरीय अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। जिससे अस्पतालों का कामकाज पूरी तरह प्रभावित होगा।

संघ ने स्पष्ट किया है कि गंभीर मरीजों की देखभाल के लिए आवश्यक संख्या में नर्सिंग स्टाफ सेवाओं में उपस्थित रहेगा। अंबिकापुर चिकित्सालय में प्रशासन के आग्रह पर आंदोलन के बावजूद नर्सिंग संवर्ग ने संवेदनशीलता दिखाते हुए सेवाएं जारी रखीं, जिससे प्रबंधन को राहत मिली।

More Topics

विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर प्रदेशभर में जागरूकता, जांच और टीकाकरण अभियान को मिली गति

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही सहित सभी जिलों में आयोजित हुए व्यापक जनजागरूकता...

समर्थ और विकसित छत्तीसगढ़ के लिए अहम उपक्रम साबित होगा खेल – अरुण साव

-उप मुख्यमंत्री ने स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का किया शुभारंभ-छत्तीसगढ़ में...

मेटा ने पीएम मोदी का फेसबुक पोस्ट हटाया: कंपनी बोली- गलती से हुआ

सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना...

इसे भी पढ़े