नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को सदन में वायु प्रदूषण के गंभीर मुद्दे को उठाया। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के बड़े शहरों में लोग जहरीली हवा की चादर में जी रहे हैं, जिसके कारण बच्चों को फेफड़ों की बीमारियाँ हो रही हैं और लोगों में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी फैल रही है। उन्होंने इस राष्ट्रीय समस्या पर सदन में विस्तार से चर्चा करने की मांग उठाई।
🤝 प्रदूषण पर मिलकर काम करने की अपील
राहुल गांधी ने कहा कि यह कोई राजनीतिक सोच का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है, जिस पर सदन में पूरी सहमति बननी चाहिए।
लोकसभा में उन्होंने कहा:
“हमारे ज्यादातर बड़े शहरों में लोग जहरीली हवा की चादर में जी रहे हैं। लाखों बच्चों को फेफड़ों की बीमारियां हो रही हैं, उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है और लोगों को कैंसर हो रहा है। बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।”
उन्होंने विश्वास जताया कि इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि:
- शहरों में वायु प्रदूषण से छुटकारा पाने के लिए एक सिस्टमैटिक प्लान बनाया जाए।
- विपक्ष को भी ऐसा प्लान बनाने में सरकार के साथ मिलकर काम करने में खुशी होगी।
- “इस मुद्दे पर, हम देश को दिखा सकते हैं कि हम किसी जरूरी चीज पर मिलकर काम कर सकते हैं।”
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी से मांग की कि वह हर शहर के लिए एक व्यवस्थित प्लान तैयार करें, जो अगले 5 या 10 सालों में लोगों की जिंदगी आसान बना सके।
🎙️ संसद परिसर में भी ज़ोर दिया
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने अपने रुख को दोहराया। उन्होंने कहा, “मैंने दिल्ली और अन्य बड़े शहरों के प्रदूषण पर बात की। ये एक ऐसा विषय है जिसमें सभी पार्टियां सहमत हो सकती हैं। हमें सदन में प्रदूषण के मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए… विशेषज्ञों की भी राय लेंगे और हम देश को दिखाएंगे कि हम प्रदूषण के विषय पर एक साथ काम कर सकते हैं।”
💬 प्रियंका गांधी ने किया समर्थन
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी संसद में प्रदूषण की स्थिति को लेकर चर्चा पर अपनी सहमति जताई। उन्होंने कहा, “मैं पूरी तरह से सहमत हूं। मेरे ख्याल से सभी सहमत हैं। सरकार ने भी कहा कि हम सभी को इस पर चर्चा करनी चाहिए और एक एक्शन प्लान बनना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि हर साल प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है, इसलिए अन्य विषयों की तरह इस पर भी चर्चा होनी चाहिए और कुछ ठोस समाधान निकलना चाहिए। उन्होंने सरकार से एक अच्छा एक्शन प्लान बनाने की अपील की।


