छत्तीसगढ़। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जगदलपुर में बस्तर ओलंपिक 2025 का उद्घाटन किया। यह संभाग स्तरीय आयोजन बस्तर अंचल के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य खेल के माध्यम से विकास और सामाजिक समावेश को बढ़ावा देना है।
🤝 नक्सल प्रभावितों की 8वीं टीम ‘नुआ बाट’
इस आयोजन की सबसे विशेष बात यह रही कि बस्तर संभाग के सात जिलों के नियमित खिलाड़ियों के साथ-साथ, सरेंडर कर चुके नक्सली और नक्सल हिंसा पीड़ित परिवारों के सदस्य भी बस्तर ओलंपिक में हिस्सा ले रहे हैं।
बस्तर के पुलिस महानिरीक्षक (IG) सुंदरराज पी ने जानकारी दी कि:
- बस्तर संभाग के कांकेर, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, बीजापुर और कोंडागांव—इन 7 जिलों की 7 टीमों के अलावा, 8वीं टीम सरेंडर किए हुए नक्सली और नक्सल हिंसा पीड़ित परिवारों की बनाई गई है।
- इस 8वीं टीम का नाम ‘नुआ बाट’ रखा गया है, जिसका अर्थ है ‘नया रास्ता’।
📈 दोगुनी हुई खिलाड़ियों की संख्या
आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि ‘नुआ बाट’ टीम के शामिल होने से खिलाड़ियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है।
- वर्ष 2024: खिलाड़ियों की संख्या लगभग 350 थी।
- वर्ष 2025 (नुआ बाट टीम सहित): इस बार लगभग 761 से ज्यादा सदस्य अलग-अलग खेलों में भाग ले रहे हैं।
आईजी ने कहा कि बस्तर ओलंपिक में इनके भाग लेने से इनका मनोबल बढ़ेगा और इन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने भी आशा व्यक्त की कि यह आयोजन क्षेत्र में खेल भावना और सामूहिकता को मजबूत करेगा।


