रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का सिलसिला जारी है, और शुरुआत के सिर्फ चार दिनों में ही उपार्जन केंद्रों पर धान की आवक तेजी से बढ़ी है। औसतन प्रतिदिन दो से ढाई लाख क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है।
🚀 खरीदी पर हड़ताल का कोई प्रभाव नहीं
राज्य में सहकारी समिति के कर्मचारियों की हड़ताल के बावजूद भी धान खरीदी की प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। सभी समितियों और उपार्जन केंद्रों पर किसानों से बिना किसी रुकावट के धान खरीदा जा रहा है।
📊 17 नवंबर को हुई कुल खरीदी
खाद्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 17 नवंबर को राज्यभर में किसानों से कुल 2,43,831 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर खरीदा गया। इसमें शामिल हैं:
| धान का प्रकार | खरीदी (क्विंटल में) |
| मोटा धान | 1,05,342 |
| पतला धान | 71,603 |
| सरना धान | 66,886 |
🛠️ किसानों के लिए सुनिश्चित की गईं सुविधाएँ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार, राज्य के सभी 2739 धान उपार्जन केंद्रों में किसानों की सुविधा के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं:
- पारदर्शी टोकन प्रणाली
- इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन
- नमी मापक यंत्र
- पर्याप्त बारदाना
- व्यवस्थित लाइन व प्रतीक्षा व्यवस्था
💰 भुगतान हेतु बड़ी बैंक गारंटी
किसानों को भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के लिए, छत्तीसगढ़ सरकार ने इस वर्ष धान खरीदी हेतु ₹26,200 करोड़ की बैंक गारंटी छत्तीसगढ़ राज्य विपणन संघ को प्रदान की है।
📍 सभी 33 जिलों में खरीदी शुरू
खाद्य विभाग के अनुसार, राज्य के सभी 33 जिलों में धान खरीदी की शुरुआत हो चुकी है। 17 नवंबर को 725 उपार्जन केंद्रों में किसानों ने अपना धान बेचा।
📈 जिलेवार खरीदी में बेमेतरा शीर्ष पर
17 नवंबर की रिपोर्ट के आधार पर, जिलों में खरीदी की स्थिति इस प्रकार रही:
| ज़िले | खरीदी की मात्रा (क्विंटल में) |
| बेमेतरा | 39,015.2 (सर्वाधिक) |
| राजनांदगांव | 35,162.4 |
| रायपुर | 28,272.4 |
| दुर्ग | 27,699.2 |
| धमतरी | 25,227.2 |
| बालोद | 19,656 |
| बलौदाबाजार | 19,419.6 |
| खैरागढ़-छुईखदान-गंडई | 14,322.8 |
| गरियाबंद | 9,106.4 |
| कवर्धा | 3,682.4 |
| गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही | 2,550 |
| मुंगेली | 2,224 |
| बिलासपुर | 1,573.6 |
| सूरजपुर | 1,456.4 |
| रायगढ़ | 1,413.2 |
| कोंडागांव | 1,147.6 |
| कोरिया | 1,193.6 |
| महासमुंद | 1,073.6 |
| मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी | 834.8 |
| बलरामपुर | 612.4 |
| सरगुजा | 276.8 |
| जशपुर | 224 |
| मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर | 212 |
| बीजापुर | 137.2 |
| कोरबा | 97.2 |
| बस्तर | 95.2 |
| जांजगीर-चांपा | 67.6 |
| सक्ती | 48 |
| सुकमा | 24.4 |
| नारायणपुर | 7.2 |
| दंतेवाड़ा | 1.6 |
| कांकेर | 80 |
| सारंगढ़-बिलाईगढ़ | 917.6 |
सबसे कम खरीदी दंतेवाड़ा (1.6 क्विंटल) और नारायणपुर (7.2 क्विंटल) जैसे बस्तर संभाग के दूरस्थ जिलों में दर्ज की गई।
👍 किसान संतुष्ट
जिलों से मिल रही प्रतिक्रियाओं के अनुसार, किसान उपार्जन केंद्रों पर की गई सुचारू व्यवस्था से संतुष्ट हैं। उन्हें न तो लंबा इंतजार करना पड़ रहा है और न ही तौल में किसी तरह की समस्या झेलनी पड़ रही है।


