ठंड का मौसम शुरू होते ही सांस संबंधी बीमारियों, खासकर निमोनिया (Pneumonia) के मामलों में तेजी से वृद्धि देखने को मिलती है। डॉक्टरों का मानना है कि निमोनिया अगर समय रहते न पहचाना जाए और इलाज न मिले, तो यह फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है और यहां तक कि जानलेवा भी हो सकता है। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को इस मौसम में विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है।
क्या है निमोनिया और इसके लक्षण?
निमोनिया फेफड़ों की एक गंभीर बीमारी है, जो अक्सर वायरस, बैक्टीरिया या फंगस के संक्रमण से होती है। इस स्थिति में फेफड़ों के एयर सैक (एल्वियोली) में सूजन आ जाती है और वे तरल या मवाद से भर जाते हैं।
सामान्य लक्षण जिन पर ध्यान दें:
- तेज बुखार और कंपकंपी (ठंड लगना)
- गहरी और तेज़ खांसी, कभी-कभी बलगम के साथ
- सांस लेने में कठिनाई और सीने में दर्द
- अत्यधिक थकावट और कमजोरी
- बच्चों में सांस की गति का बढ़ जाना या सुस्ती
अगर लक्षण गंभीर हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
निमोनिया से दूर रखेंगे ये 5 असरदार घरेलू नुस्खे:
विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती लक्षणों में ये प्राकृतिक उपाय बहुत राहत दे सकते हैं और बीमारी की गंभीरता को कम करने में मदद करते हैं:
- अदरक और शहद का सेवन: अदरक के एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण संक्रमण से लड़ने में मददगार हैं। एक चम्मच अदरक के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में दो बार लें।
- तुलसी और काली मिर्च की चाय (काढ़ा): तुलसी इम्यूनिटी बढ़ाती है, जबकि काली मिर्च सांस की नली को साफ करती है। 5-7 तुलसी की पत्तियां, 4-5 काली मिर्च और थोड़ा सा अदरक मिलाकर काढ़ा बनाएं और दिन में एक बार पिएं।
- हल्दी वाला दूध: हल्दी में मौजूद कुरक्यूमिन संक्रमण से लड़ता है और खांसी में आराम देता है। रात को सोने से पहले गर्म दूध में एक चुटकी हल्दी मिलाकर पिएं।
- भाप लेना (स्टीम थेरेपी): गर्म पानी की भाप लेने से बलगम ढीला होता है और सांस की नली साफ होती है, जिससे सांस लेने में आसानी होती है। दिन में दो बार भाप लेने से फेफड़े साफ रहते हैं।
- लहसुन का सेवन: लहसुन एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक है। 1-2 कली लहसुन को पानी में उबालकर उसका सेवन करें या इसे अपने भोजन में शामिल करें।
निमोनिया से बचने के अन्य महत्वपूर्ण उपाय:
घरेलू नुस्खों के साथ-साथ बचाव के ये उपाय भी जरूरी हैं:
- सर्दियों में खुद को गर्म कपड़ों से अच्छी तरह ढकें।
- धूल और धुएं से बचें, खासकर अस्थमा या ब्रोंकाइटिस के मरीज।
- भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें।
- संतुलित और इम्यूनिटी बढ़ाने वाला आहार लें।
- नियमित रूप से हाथ धोते रहें और स्वच्छता बनाए रखें।
- बच्चों और बुजुर्गों को निमोनिया वैक्सीन लगवाना भी एक अच्छा विकल्प है।
डॉक्टर से परामर्श है जरूरी:
विशेषज्ञ मानते हैं कि घरेलू उपाय सिर्फ राहत देने के लिए हैं। अगर तेज़ बुखार, लगातार खांसी, सांस फूलना या ऑक्सीजन की कमी जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो बिना देर किए तुरंत मेडिकल ट्रीटमेंट लेना अनिवार्य है। निमोनिया जानलेवा हो सकता है, इसलिए सावधानी, समय पर पहचान और उचित देखभाल ही इससे बचने का एकमात्र तरीका है।


