Total Users- 1,165,119

spot_img

Total Users- 1,165,119

Monday, March 2, 2026
spot_img

चीन के स्कूलों में पहली बार हिंदी शिक्षण शुरू: राजदूत ने भव्या मेहता को किया सम्मानित

14 अक्टूबर को चीन में भारत के राजदूत प्रदीप कुमार रावत ने शंघाई में भारत के महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर के साथ मिलकर ब्रिटानिका इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल (BIS) की भव्या मेहता को सम्मानित किया। यह एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उपलब्धि है, क्योंकि यह पहली बार है जब चीन में स्कूल स्तर पर औपचारिक रूप से हिंदी भाषा पढ़ाई जा रही है, जो विश्वविद्यालय कार्यक्रमों से परे भाषा की पहुँच का विस्तार करती है।

भारत की भाषाई विरासत के लिए गौरव का क्षण

  • सम्मान: राजदूत रावत और महावाणिज्य दूत माथुर ने श्रीमती भव्या मेहता को BIS में प्राथमिक स्तर पर हिंदी शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए सम्मानित किया।
  • पृष्ठभूमि: भव्या मेहता इस प्रतिष्ठित स्कूल में हिंदी कार्यक्रम का नेतृत्व कर रही हैं। वह भारत के युद्ध नायक, कीर्ति चक्र विजेता ब्रिगेडियर रवि दत्त मेहता की पुत्री हैं।
  • महत्व: विदेशों में भारतीय भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों को “भारत की भाषाई विरासत के लिए गौरव का क्षण” बताया गया।

सांस्कृतिक उपलब्धि

इंडिया इन शंघाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए इस पहल को “चीन में हिंदी शिक्षण ने जड़ें जमा लीं – एक सांस्कृतिक उपलब्धि” बताया।

यह पहल अब फुदान, एसआईएसयू, सिंघुआ और पेकिंग विश्वविद्यालय जैसे चीनी विश्वविद्यालयों में पहले से ही मौजूद विश्वविद्यालय स्तर पर हिंदी शिक्षण के साथ जुड़ गई है, जिससे चीन में भारतीय संस्कृति की बढ़ती उपस्थिति स्पष्ट होती है।

More Topics

इसे भी पढ़े