H-1B वीजा को लेकर अमेरिका के हालिया फैसले को लेकर खलबली मची हुई है। अमेरिका ने H-1B वीजा पर सालाना 1 लाख डॉलर यानी करीब 90 लाख रुपए की फीस लगा दी है जिससे भारतीय आईटी कंपनियों और पेशवारों को बड़ा झटका लगा है। इस बीच यह खबर सामने आ रही है कि भारतीयों को मिले इस झटके के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार सहयोगी और उनके करीबी पीटर नवारो का हाथ हो सकता है। अमेरिका के डेमोक्रेट सांसद अमी बेरा ने इस ओर इशारा किया है। पीटर नवारो वही शख्स हैं जो बीते कुछ समय से भारत के खिलाफ लगातार जहर उगल रहे हैं और भारत को ‘टैरिफ का महाराजा’ तक कह चुके हैं।
अमेरिकी सांसद अमी बेरा ने हाल ही में इंडियन एक्सप्रेस को दिए गए एक इंटरव्यू में यह बातें कही हैं। अमी बेरा ने बातचीत के क्रम में कहा कि ऐसा लग रहा है कि इस कदम के पीछे डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार सहयोगी पीटर नवारो हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि H-1B वीजा शुल्क में हालिया वृद्धि से अमेरिका भारत संबंधों को कोई लाभ नहीं होगा। बेरा ने कहा कि ट्रंप के इस कदम के बारे अमेरिकी सांसद को पहले से इस कदम के बारे में नहीं बताया गया था।


