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Saturday, March 21, 2026
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 नवरात्रि और मूर्ति विसर्जन को लेकर कलेक्टर ने जारी की गाइडलाइन, पंडाल-ध्वनि यंत्र-पर्यावरण नियमों का पालन अनिवार्य

अम्बिकापुर। शारदीय नवरात्रि पर्व एवं आगामी मूर्ति विसर्जन को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सरगुजा ने जिले में शांति, सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने हेतु विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। आदेश में आयोजन समितियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं नागरिकों को पालन करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिये गये हैं।

पंडाल व्यवस्था
सड़क पर पंडाल लगाकर मार्ग अवरुद्ध नहीं किया जायेगा। अस्पताल, विद्यालय, एम्बुलेंस व फायर ब्रिगेड के आवागमन में बाधा नहीं आनी चाहिए। पंडाल लगाने के लिए यातायात, पुलिस एवं नगर निगम से अनुमति आवश्यक होगी। पंडाल एवं आसपास सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाये जायेंगे। विसर्जन उपरांत 12 घंटे के भीतर पंडाल व स्ट्रक्चर हटाना होगा। पंडालों में डस्टबिन रखना, प्लास्टिक सामानों का उपयोग न करना और केवल पत्तों के दोना-पत्तल का प्रयोग करना होगा। प्रसाद वितरण के दौरान वाहनों को रोकना व सड़क पर गंदगी फैलाना प्रतिबंधित रहेगा। पंडाल के आसपास व्यवस्था हेतु वालंटियर्स नियुक्त कर उनकी सूचना पुलिस को देना अनिवार्य होगा। गरबा नृत्य आयोजन हेतु संबंधित एसडीएम से पूर्व अनुमति लेना आवश्यक होगा।

मूर्ति स्थापना
केवल मिट्टी से बनी मूर्तियों की स्थापना की अनुमति होगी। प्लास्टर ऑफ पेरिस एवं केमिकल रंग से बनी मूर्तियों की बिक्री और स्थापना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। मुख्य पंडाल के बाहर अतिरिक्त मूर्ति रखने की अनुमति नहीं होगी।

ध्वनि विस्तारक यंत्र
ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग केवल सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही किया जा सकेगा। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक इसका उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। ध्वनि स्तर 45 से 70 डीबी तक सीमित रहेगा तथा सभी यंत्र साउंड लिमिटर से युक्त होने चाहिए। बिना अनुमति व नियम विरुद्ध यंत्रों का उपयोग करने पर जप्ती और आपराधिक प्रकरण दर्ज होंगे। धार्मिक उन्माद फैलाने वाले व अश्लील गानों पर पूर्णतः रोक रहेगी।

मूर्ति विसर्जन व्यवस्था
प्रतिमा विसर्जन केवल निर्धारित स्थल व पूर्व निर्धारित रूट के अनुसार ही होगा। सड़क किनारे मंच बनाने की अनुमति नहीं होगी, उल्लंघन पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। बच्चों को विसर्जन स्थल पर न ले जाने की अपील की गई है। नगर निगम द्वारा पर्याप्त स्टाफ, क्रेन, गोताखोर एवं जेसीबी की व्यवस्था की जाएगी। घाटों की पूर्व सफाई, पर्याप्त प्रकाश एवं सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य होगी। राज्य विद्युत मंडल को विसर्जन के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और आपात स्थिति में त्वरित सुधार दल तैनात करने के निर्देश दिये गये हैं।

कलेक्टर ने सभी अनुभागीय दण्डाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक आयोजित कर एसओपी के पालन की निगरानी करने के निर्देश दिये हैं। साथ ही इस आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।

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