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Friday, March 20, 2026
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सफाई कर्मियों के अधिकार मामले में भिलाई और रिसाली निगम आयुक्त कटघरे में क्यों है ?

पूरब टाइम्स, भिलाई रायपुर. नगरीय निकाय के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की वार्षिक रिपोर्ट , जोकि नगर निगमों द्वारा छ.ग. पर्यावरण संरक्षण विभाग को दी जाती है , मामले में पहले ही लीपा पोती की खबरें हैं . छ.ग. पर्यावरण विभाग इन संदिग्ध रिपोर्ट के आधार पर अपनी सालाना रिपोर्ट , पर्यावरण संरक्षण के राष्ट्रीय कार्यालय दिल्ली भेजता है . इस प्रकार से छ.ग. के अनेक नगर निगमों के द्वारा दी गई गलत रिपोर्टों के कारण छ.ग. का पर्यावरण विभाग भी जांच के दायरे में आ गया है . इसी प्रकार से छत्तीसगढ़ के अनेक नगर निगम जैसे  रायपुर , भिलाई , रिसाली इत्यादि में ठेकेदारों के द्वारा श्रम कानूनों की अवहेलना की खबरें भी आ रही हैं , जिसका आधार अनेक समाजसेवकों द्वारा नगर निगमों व छ.ग. के श्रम विभाग में दी गई शिकायतें हैं . जांच ज़ारी है . इन मामलों के अलावा नगर निगमों में ठेकेदारों द्वारा श्रमिकों के अधिकारों पर कुठाराघात की शिकायतें भी की जाती रही हैं परंतु उन निगमों के अधिकारियों द्वारा उन शिकायतों पर कोई भी सीधी कार्यवाही नहीं दिखी है . इसका कारण निगम के सफाई विभागके ज़िम्मेदार अफसरों के द्वारा या तो आलस दिखाया जाता है या उन ठेकेदारों से सेटिंग है ,यह भी जांच का विषय है . हमारे कुछ मीडिया कर्मियों से नाम ना छपने की शर्त पर कुछ सफाई कर्मियों ने , सफाई मामले के आर्थिक घपलों में निगम के बड़े राजनेताओं के अलावा अनेक वार्डों के स्थानीय नेताओं का भी नाम बताया . वैसे श्रमिकों के अनेक अधिकारों की रक्षा का दायित्व श्रम विभाग का होता है, साथ ही उनके स्वास्थ्य संरक्षित करवाने की ज़िम्मेदारी जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की भी होती है . कुछ सफाई कर्मियों के अनुरोध पर सफाई कर्मियों के उन्हीं अधिकारों का विवरण देने पूरब टाइम्स की यह रिपोर्ट ..

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के अनुसार सफाई कर्मियों/श्रमिकों के अधिकारों और हितों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। इन नियमों के सफाई कार्य में नियोजित श्रमिकों के हैं कुछ प्रमुख अधिकार हैं जिनको सुनिश्चित करवाना निगम आयुक्त का कर्तव्य है लेकिन इन विषयों पर निगम आयुक्त क्या कर रहें है यह प्रश्न  अनुत्तरित है जानिए क्या क्या करवाना है निगम आयुक्त को…

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1. सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता

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सभी सफाई कर्मचारियों को काम करते समय सुरक्षा उपकरण (जैसे दस्ताने, मास्क, बूट, एप्रन आदि) उपलब्ध कराना अनिवार्य है ताकि वे किसी प्रकार की स्वास्थ्य हानि से बच सकें।

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2. स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधा

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सफाई कर्मियों को नियमित स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराना स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी है।

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3. मानव सम्मान और गरिमा

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सभी कर्मचारियों को समान गरिमा के साथ कार्य करने का अधिकार है। किसी भी प्रकार का भेदभाव या अमानवीय व्यवहार अवैध है।

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4. प्रशिक्षण और जागरूकता

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सफाई कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण देना जरूरी है ताकि वे ठोस अपशिष्ट के विभिन्न प्रकारों को समझ सकें और उन्हें सुरक्षित रूप से संभाल सकें।

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5. सुरक्षित कार्य परिस्थितियाँ

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कर्मचारियों को जोखिम रहित और स्वच्छ कार्यस्थल उपलब्ध कराना अनिवार्य है, विशेषकर यदि वे जैव चिकित्सा या खतरनाक कचरे से निपट रहे हों।

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6. बीमा और सामाजिक सुरक्षा

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सरकार और स्थानीय निकायों को यह सुनिश्चित करना होता है कि सफाई कर्मचारियों को बीमा कवर, पीएफ, पेंशन, और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ प्राप्त हों।

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7. मानव मल उठाने पर प्रतिबंध

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मानव मल उठाने जैसे अमानवीय कार्य पर सख्त प्रतिबंध है, और इसमें संलिप्तता को अपराध माना गया है।

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