योग विशेषज्ञों के मुताबिक कपालभाति के दैनिक अभ्यास की आदत मन को शांत करने के साथ पाचन अंगों, रक्तचाप और मानसिक स्वास्थ्य के लिए विशेष लाभकारी हो सकती है। अध्ययनों में पाया गया है कि किडनी और लिवर की समस्याओं में भी इस प्राणायाम योगाभ्यास से विशेष लाभ पाया जा सकता है। आइए नियमित रूप से कपालभाति करने से होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं।
कपालभाति प्राणायाम करने का तरीका: योग विशेषज्ञ बताते हैं, कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास काफी आसान है और इसे एक स्थान पर बैठकर आसानी से किया जा सकता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए कपालभाति प्राणायाम से लाभ हो सकता है। इस योग के अभ्यास के लिए सबसे पहले पद्मासन में बैठ जाएं और दोनों हाथों को शांत स्थिति में रखें। अब गहरी सांस अंदर लेते हुए इसे झटके छोड़ें। सांस छोड़ते समय पेट अचानक से पीछे खिंचता है। रोजाना इस योग के अभ्यास की आदत बनाएं।
कपालभाति करने से किडनी-लिवर को लाभ: कपालभाति प्राणायाम करने को मानसिक स्वास्थ्य के साथ शरीर के कई अंगों के लिए लाभकारी पाया गया है, विशेषतौर पर पाचन अंगों के लिए इसे काफी कारगर अभ्यास के तौर पर जाना जाता है। योग विशेषज्ञों ने पाया कि कपालभाति के नियमित अभ्यास की आदत किडनी-लिवर को स्वस्थ रखने के साथ इसकी कार्यक्षमता को बढ़ाने में सहायक है। शोधकर्ताओं ने पाया कि इस योग के अभ्यास से पाचन अंगों में रक्त का संचार बढ़ता है। इस अभ्यास को आंखों की सेहत के लिए भी विशेष लाभकारी पाया गया है।
कपालभाति से होने वाले अन्य स्वास्थ्य लाभ: कपालभाति का अभ्यास शरीर को कई अन्य प्रकार से लाभ पहुंचा सकता है। सभी लोगों को रोजाना इस प्राणायाम की आदत बनानी चाहिए। कपालभाति अभ्यास के दौरान शरीर को अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है, यह शरीर में गर्मी उत्पन्न करती है और विषाक्त पदार्थों को निकालने में लाभकारी है। इस श्वास तकनीक से किडनी की तमाम बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है। कपालभाति प्राणायाम आपकी आंखों को आराम देता है। इससे काले घेरों के साथ आंखों की परेशानियों को ठीक करने में मदद मिल सकती है। यह रक्त परिसंचरण और पाचन में सुधार करता है। कपालभाति प्राणायाम से वजन घटाने में भी मदद मिलती है, यह आपके मेटाबॉलिज्म रेट को तेजी से बढ़ाता है।


