छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान आज एक दिलचस्प क्षण देखने को मिला जब विधायक अजय चंद्राकर के तीखे और तथ्यात्मक सवाल पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े निरुत्तर हो गईं। जवाब देने में असमर्थता दिखाने पर विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ने मंत्री को विधानसभा की गरिमा बनाए रखने और सटीक उत्तर देने की हिदायत दी।
क्या था मामला:
विधायक अजय चंद्राकर ने पोषण योजनाओं, महिला संरक्षण और आंगनबाड़ी केंद्रों में व्याप्त अनियमितताओं को लेकर एक विस्तृत सवाल पूछा। उन्होंने आंकड़ों सहित यह जानना चाहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ ज़मीनी स्तर पर किस हद तक पहुंच रहा है।
मंत्री का जवाब अधूरा:
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जवाब देना शुरू तो किया, लेकिन आंकड़ों के अभाव और विषय की पूरी जानकारी न होने के कारण उत्तर अधूरा और भ्रमित करने वाला रहा। इस पर विपक्ष ने हंगामा किया और स्पीकर को हस्तक्षेप करना पड़ा।
स्पीकर की सख्त टिप्पणी:
विधानसभा अध्यक्ष ने मंत्री से कहा, “आप सदन को पूरी जानकारी दें। मंत्री रहते हुए यह अपेक्षा की जाती है कि आप अपने विभाग की तैयार जानकारी के साथ आएं।”
विपक्ष का हमला:
इस मौके पर विपक्ष ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि “सरकार गंभीर सवालों पर जवाब देने में सक्षम नहीं दिख रही है, यह लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।”
इस घटनाक्रम के बाद सदन का माहौल कुछ देर के लिए गर्मा गया, हालांकि बाद में कार्यवाही सामान्य रूप से आगे बढ़ी।
यह घटना न सिर्फ सरकार की तैयारी पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि विधानसभा में जवाबदेही और पारदर्शिता की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।


