कॉलोनाईजर/बिल्डरों द्वारा निर्मित आवासीय व्यावसायिक परिसरों के लिए जारी किया गया “विशेष निर्देश”!
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों की अवमानना करने वालों को कार्यवाहियों का सामना करना पड़ेगा !
अशुद्ध जल के संग्रहण, उपचार एवं पुनर्चक्रण की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य होगा।
पूरब टाइम्स , रायपुर . पूरे छत्तीसगढ़ में जहां तहां वैध –अवैध कॉलोनियों का जाल बिछते जा रहा है . वैध कॉलोनियों व मल्टी स्टोरिड बिल्डिंगों के लिये सरकार ने , रहवासियों की सुरक्षा व सुविधा के लिये अनेक नियम कानून बनाये हुए हैं . जिनमें से प्रमुख हैं – सड़क , नाली , ट्रांस्फोर्मर , स्ट्रीट लाइट , पानी की व्यवस्था , फायर फाइटिंग व रेन वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम . इनका परिपालन रायपुर , भिलाई , रिसाली सहित अनेकों निगम में , आज तक , पूरी तरह से नहीं कराया जा सका है . अब राज्य शासन के पर्यावरण विभाग की अनुशंसा पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व अशुद्ध जल के संग्रहण , उपचार व पुनर्चक्रण के लिये आदेश दे दिये हैं. विदित हो कि शासन द्वारा ये नियम पहले से ही बनाये गये हैं परंतु इनका कड़ाई से परिपालन करने के निर्देश शासन ने अब फिर से निकाले हैं . अब देखने वाली बात यह होगी कि बिल्डर इन नियमों का पालन करते हैं या पहले की तरह , निगम के कर्मचारियों से मिली भगत से लीपा –पोती व कागज़ी कार्यवाही करके इतिश्री कर लेते हैं या परिपालन करवाने वाली एजेंसी यानि निगम , नगर पालिका , नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत इत्यादि इस बार गम्भीरता से कार्य करवाती हैं . आम जनता की जानकारी के लिये पूरब टाइम्स की यह रिपोर्ट …
घरों और व्यवसायिक परिसरों से निकलने वाले गंदे पानी को उपचारित करने का जिम्मेदार कौन ?
छत्तीसगढ़ शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर ने File No. LAND-4302/7/2025-UAD नवा रायपुर, अटल नगर, से जारी करके छत्तीसगढ़ के समस्त आयुक्त नगर पालिक निगम (छ.ग.), समस्त मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत (छ.ग.) को निर्देशित किया है कि, वे अपने नगरीय निकायों में कॉलोनाईजर/बिल्डर द्वारा निर्मित आवासीय व्यावसायिक परिसरों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं अशुद्ध जल के संग्रहण, उपचार एवं पुनर्चक्रण की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के संबंध में गंभीरता से कार्यवाही करे और प्रावधानित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करवाने की पदेन जिम्मेदारी पूरी करें।
अशुद्ध पानी के मामले में छत्तीसगढ़ शासन ने बिल्डरों को उनकी जिम्मेदारी पूरी करने के लिए आदेशित किया है ।
गंदे पानी और कचरे का उपचार करने के लिए छत्तीसगढ़ी शासन के नवीनतम आदेश में स्पष्ट किया गया है कि, छ.ग. नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 तथा छ.ग. नगर पालिका (कॉलोनाइजर का रजिस्ट्रेशन, निर्बंधन तथा शर्तें) नियम, 2013 के अधीन तथा अन्य सुसंगत नियमों/अधिनियमों के अध्यधीन निकायों द्वारा कॉलोनाईजर/बिल्डरों को आवासीय व्यावसायिक परिसरों के निर्माण हेतु जारी किये जा रहे अनुमति की शर्तों के अनुरूप संबंधित परिसरों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं उपयोगित जल के संग्रहण, उपचार एवं पुनर्चक्रण हेतु अधिनियमित व्यवस्थायें सुनिश्चित कराये जाने हेतु सशर्त स्वीकृति संबंधित कॉलोनाईजर/बिल्डर को प्रदान की जा रही हैं जिसका सीधा अर्थ है कि अब गंदा पानी और अपशिष्ट जनित करने वालों को ही उसका विधिवत उपचार करना आवश्यक है ।
आवासीय एवं व्यावसायिक परिसरों के व्यवस्थापकों को क्या करना आवश्यक होगा जान लीजिए…
1. सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का प्रावधान तथा निर्धारित मानकों एवं प्रावधानित नियमों के अनुरूप जल का पुनर्चक्रीकरण किया जाना।
2. ठोस अपशिष्ट (Garbage) को एकत्रित करने हेतु परिसर में पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराना तथा उसको वैज्ञानिक विधि से निपटान करना एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 में दिये गए प्रावधानों अनुसार कॉलोनी परिसर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था किया जाना।
जिम्मेदारी तय कर दी गई है गंदगी कूड़ा करकट फैलाने वाले आवासीय भवन और परिसर कार्यवाहियों के दायरे में आ गए हैं
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ठोस अपशिष्ट एवं गंदा पानी जनित करने वालों के लिए जारी किए गए प्रावधानों से स्पष्ट है कि, कॉलोनाईजर/बिल्डर द्वारा निर्मित आवासीय व्यावसायिक परिसरों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं उपयोगित जल के संग्रहण, उपचार एवं पुनर्चक्रण की समुचित व्यवस्था की संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित कॉलोनाईजर बिल्डर तथा हैण्डओवर की स्थिति में रहवासी कल्याण संघ (RWA) की निर्धारित है। शासन के संज्ञान में यह तथ्य आया है कि, बहुतायत नगरीय निकायों में कॉलोनाईजर/बिल्डरों द्वारा निर्मित आवासीय व्यावसायिक परिसरों में उपरोक्त प्रावधानों का पालन नहीं किया गया है अथवा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं उपयोगित जल उपचार एवं पुनर्चक्रण का कार्य नहीं किया जा रहा है। यह स्थिति पूर्णतः अस्वीकार्य है अतएव स्पष्ट तौर पर निर्देशित किया गया है कि, निकाय क्षेत्रान्तर्गत स्थित समस्त आवासीय व्यावसायिक परिसरों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं उपयोगित जल के संग्रहण, उपचार एवं पुनर्चक्रण सुनिश्चित कराये जाने हेतु समस्त आवश्यक कार्यवाही किया जावे अन्यथा की स्थिति में संबंधित आवासीय व्यावसायिक परिसरों के विरूद्ध प्रचलित नियमों में उल्लेखित दण्डात्मक प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही किया जावे।
आवासीय परिसरों और नगरीय निकायों के क्षेत्र में गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए शासन द्वारा अब तक गंभीरता से प्रशासकीय जिम्मेदारी पूरी नहीं की जाती थी लेकिन छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी किए गए नवीनतम आदेश से गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध निगम आयुक्त सीधी कार्यवाही कर सकेंगे शासन का यह निर्णय स्वागत योग्य है .
अमोल मालुसरे ,सामाजिक कार्यकर्ता


