रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान आज एक गंभीर मुद्दा उठा। विधायक रामकुमार यादव ने सदन में छत्तीसगढ़ की इंडस्ट्रीज में स्थानीय युवाओं और मजदूरों के साथ हो रहे अन्याय और धोखे का खुलासा करते हुए सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया।
विधायक यादव ने कहा कि प्रदेश की कई बड़ी औद्योगिक इकाइयाँ, जो छत्तीसगढ़ की भूमि और संसाधनों का उपयोग कर रहीं हैं, वे स्थानीय छत्तीसगढ़ी युवाओं को रोजगार देने के बजाय बाहरी लोगों को तरजीह दे रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई फैक्ट्रियों में न तो नियमानुसार नियुक्तियाँ हो रही हैं और न ही श्रमिकों को न्यूनतम वेतन, स्वास्थ्य सुरक्षा या स्थायी नौकरी का अधिकार दिया जा रहा है।
विधायक ने यह भी कहा कि “सरकार उद्योगों को ज़मीन और सुविधाएं देती है, लेकिन वही उद्योग छत्तीसगढ़ी श्रमिकों को उनका हक़ नहीं दे रहे हैं, यह सरासर धोखा है।” उन्होंने मांग की कि सरकार ऐसी फैक्ट्रियों की जांच कराएं, और यह सुनिश्चित करे कि स्थानीय लोगों को 70% तक रोजगार मिलना चाहिए, जैसा कि नीतियों में उल्लेख है।
इस विषय पर सदन में विपक्ष ने भी समर्थन जताते हुए सरकार से कठोर कार्रवाई की मांग की।


