भारत से बिगड़ते रिश्तों के बीच बांग्लादेश अंतरिम सरकार के प्रमुख यूनुस ने ‘मैंगो डिप्लोमैसी’ को जारी रखा है। ढाका की तरफ से सद्भावना के तौर पर बांग्लादेश की प्रसिद्ध हरिभंगा किस्म के 1000 किलो आमों को भारत भेजा गया है। इन आमों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत के राजनयिकों समेत तमाम दूसरे अधिकारियों को दिया जाएगा। बांग्लादेश की तरफ से पीएम मोदी के अलावा भारत के पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी यह आम भेजे गए हैं। हरिभंगा किस्म के आम को बांग्लादेश और भारत में काफी पसंद किया जाता है। इनकी गुणवत्ता काफी बेहतर होती है।
भारत और बांग्लादेश की सरकार के बीच यह बांग्लादेश की सरकारनई नहीं है। इससे पहले भी बांग्लादेश की सरकारें भारत समेत अन्य देशों को हरिभंगा किस्म के आम भेजती रही हैं। लेकिन यह तब की बात है, जब भारत और बांग्लादेश के संबंध काफी बेहतर थे, दोनों को एक-दूसरे का हितैषी माना जाता था। पिछले साल शेख हसीना के अपदस्थ होने के बाद दोनों देशों के संबंधों दरार साफ तौर पर दिखाई देने लगी थी। ऐसे में अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार यूनुस द्वारा फिर से शुरू की गई इस मैंगो डिप्लोमैसी के कई मायने निकाले जा रहे हैं। हालांकि बांग्लादेशी अधिकारियों के मुताबिक यह आम सद्भावना के तौर पर भेजे गए हैं।
गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त में कथित छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। वहां से निकलकर वह सीधे भारत में आ गई। यूनुस प्रशासन तब से लेकर अब तक लगातार भारत पर हसीना के प्रत्यर्पण का दबाव बना रहा है। हालांकि भारत की तरफ से इसका कोई जवाब नहीं दिया गया है। इसके बाद से भारत और बांग्लादेश के संबंध लगातार बिगड़ते ही गए हैं। हालांकि बिम्सटेक समिट में पीएम मोदी और यूनुस की मुलाकात हुई थी लेकिन उससे संबंधों में ज्यादा कुछ बदलाव देखने को नहीं मिला।


