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Friday, March 20, 2026
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नगर निगम की कमज़ोरी-सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य के प्रति बेपरवाह ठेकदारों को कानूनी सबक कौन सिखायेगा?

पूरब टाइम्स , भिलाई रायपुर . इन दिनों बारिश का प्रकोप बढ़ रहा है , साथ ही बढ़ती गन्दगी को साफ करने की ज़रूररत. छत्तिसगढ़ की अधिकतर नगर निगम , नगर पालिका , ग्राम पंचायत इत्यादि में सफाई व्यवस्था, कर्मचारियों द्वारा हाथों से कराई जाती हैं. कोई भी मशीनी व्यवस्था नहीं है . उन सफाई कामगारों को स्वयं गन्दगी में कूदकर सफाई व्यवस्था सुधारनी होती है . गन्दगी में सबसे ज़्यादा कीटाणु होते हैं यनि कि उन सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य पर सबसे अधिक खतरा होता है . यदि ठोस अपशिष्ट का प्रकार खतरनाक हो , यदि बायो मेडिकल वेस्ट में गम्भीर तरह के बैक्टीरिया हो तो उन अपशिष्ट के संधारण में बहुत ज़्यादा सावधानी बरतनी चाहिये परंतु अधिकारियों की कोताही से बेचारे कामगारों को यह जानकारी ही नहीं रहती कि किस अपशिष्ट के लिये किस प्रकार की सावधानियां बरतनी चाहिये . गंदगी और बदबूडार जगहों में काम करने से अनेक सफाई कर्मी बीमार हो जाते हैं तो अनेक बुरी लत जैसे शराब इत्यादि के आदी हो जाते हैं . सफाई ठेकेदारों को काम देकर नियोक्ता निगम , अपने आप को सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य की ज़िम्मेदारी से मुक्त समझता है. जबकि ऐसा नहीं है. ज़िम्मेदार अधिकारियों के संज्ञान में लाने के लिये पूरब टाइम्स की यह खबर …

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल का कार्यालय सजग है परंतु तर्कसंगत कार्यवाही अपेक्षित है।

सफाई कर्मियों की सुरक्षा और उनकी सेहत का ख्याल रखने के मामले में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल भिलाई कार्यालय ने पहल करके अपनी पदेन जिम्मेदारी निभाते हुए एक आदेश संक्रमितजारी कर सभी नगरीय निकायों को नगरीय निकायों से जनित होने वाले नगरीय ठोस अपशिष्ट की जानकारी और वार्षिक प्रतिवेदन की मांग कर दी है जिसके बाद सभी नगरीय निकायों द्वारा सफाई ठेकेदारों को विधि निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करवाने वाले आदेश जारी किया जाना अपेक्षित परंतु नगर पालिक निगम भिलाई और रिसाली निगम आयुक्तों ने क्या कार्यवाही की है यह प्रश्न वर्तमान में अनुत्तरित है ।

वर्षा ऋतु के दौरान संक्रमित मरीजों द्वारा उत्पन्न किए गए बायो मेडिकल वेस्ट का निपटान करने वाली प्रकिया विशेष ध्यान देने वाली होती है लेकिन भिलाई और रिसाली निगम आयुक्त इस मामले में क्या कर रहें है यह विषय वर्तमान में प्रश्नांकित स्थिति में है इसके साथ – साथ विशेष रूप से संज्ञान लेने वाला मामला यह है कि सफाई कर्मियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और संक्रमित बीमारियों से सफाई कर्मियों को बचाने के उपाय जैसे दस्ताने, मास्क, सुरक्षा जैकेट और टीकों एवं अन्य रोगोपचार सुविधाओं का इंतजाम निगम आयुक्त ने किया है क्या इस गंभीर विषयों पर निगम कार्यालय वर्षों से खामोश है इसलिए आरोप लगाया जाने की परिस्थिति उत्पन्न ही गई है 

भिलाई और रिसाली निगम के सफाई कर्मियों का अधिकार संकटमई परिस्थिति में कार्यरत श्रमिक की होती है इसमें दो मत नहीं है क्योंकि सफाई कर्मियों को अपने कार्य घंटों में गंदगी वाले कार्यस्थल में कार्य करना पड़ता हैं और गंदगी, कूड़ा करकट से निकटतम संपर्क में रहना पड़ता है इसके साथ – साथ वर्षा ऋतु में तो बरसते पानी में भीगती स्थिति में कार्य करना पड़ता है परंतु इस परिस्थिति में सफाई कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करवाने के लिए सहायक श्रम आयुक्त दुर्ग क्या कार्यवाही कर रहा है और कैसे सफाई कर्मियों को नियोजित स्थिति में संक्रामक बीमारियो से बचाने के लिए क्या करता है यह मामला लंबित है जिसका संज्ञान कलेक्टर दुर्ग महोदय द्वारा लिया जाना चाहिए।

सफाई कर्मियों को शासकीय अनिवार्य कार्य में नियोजित श्रमिकों का अधिकार दिलवाने और उनके स्वास्थ्य के सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करवाने के लिए निगम आयुक्त भिलाई और रिसाली को मैंने प्रश्नांकित किया है जिसकी अपेक्षित  प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है जो अनियमितताओं की तरफ इशारा करती है ।

अमोल मालूसरे,सामाजिक कार्यकर्ता

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