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Saturday, February 28, 2026
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डेंगू बुखार क्या है, जानें कारण लक्षण व इलाज 

डेंगू बुखार, जिसे “हड्डी तोड़ बुखार” के नाम से भी जाना जाता है, एक वायरल संक्रमण है जो एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। यह एक गंभीर बीमारी हो सकती है, खासकर जब यह गंभीर डेंगू में बदल जाती है।

डेंगू के कारण:
डेंगू वायरस के चार विभिन्न प्रकार (DENV-1, DENV-2, DENV-3, और DENV-4) होते हैं। एक बार जब कोई व्यक्ति इनमें से किसी एक प्रकार से संक्रमित हो जाता है, तो उसे उस विशेष प्रकार के खिलाफ आजीवन प्रतिरक्षा मिल जाती है, लेकिन वह अन्य प्रकारों से संक्रमित हो सकता है। यदि कोई व्यक्ति दूसरी बार किसी अलग प्रकार के डेंगू वायरस से संक्रमित होता है, तो गंभीर डेंगू होने का जोखिम बढ़ जाता है।

डेंगू के लक्षण:
संक्रमित मच्छर के काटने के 4-10 दिनों के बाद लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जो हल्के से लेकर गंभीर हो सकते हैं।

सामान्य डेंगू के लक्षण:
तेज बुखार: अचानक 104°F (40°C) तक या उससे अधिक बुखार आना।
तेज सिरदर्द: खासकर आंखों के पीछे दर्द।
मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द: यही कारण है कि इसे “हड्डी तोड़ बुखार” कहा जाता है।
मतली और उल्टी।
त्वचा पर लाल चकत्ते (रैश): बुखार शुरू होने के कुछ दिनों बाद दिखाई दे सकते हैं।
थकान और कमजोरी।
गंभीर डेंगू (डेंगू रक्तस्रावी बुखार या डेंगू शॉक सिंड्रोम) के चेतावनी संकेत (आपातकालीन स्थिति):
यह स्थिति अक्सर बुखार कम होने के 24-48 घंटों के भीतर विकसित होती है और इसमें तुरंत चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है।

पेट में तेज दर्द।
लगातार उल्टी।
नाक या मसूड़ों से खून आना।
त्वचा के नीचे छोटे लाल धब्बे (पेटेकिया)।
मल में रक्त (काला और चिपचिपा मल)।
तेजी से सांस लेना।
बहुत थकान या बेचैनी।
बेहोशी या भ्रम की स्थिति।
प्लेटलेट्स की संख्या में तेजी से गिरावट।

डेंगू का इलाज:
डेंगू का कोई विशिष्ट एंटीवायरल इलाज नहीं है। उपचार मुख्य रूप से लक्षणों को प्रबंधित करने और शरीर को ठीक होने में मदद करने पर केंद्रित होता है।

सामान्य डेंगू का उपचार (घर पर प्रबंधित किया जा सकता है, लेकिन डॉक्टर की निगरानी में):

पर्याप्त आराम: शरीर को ठीक होने के लिए भरपूर आराम महत्वपूर्ण है।
हाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी न होने दें):
खूब पानी पिएं।
नारियल पानी, फलों का रस (बिना चीनी मिलाया हुआ), ओआरएस (ORS) घोल, सूप और दाल का पानी जैसे तरल पदार्थों का सेवन करें।
बुखार और दर्द के लिए दवाएं:
पैरासिटामोल ही लें। यह बुखार और शरीर के दर्द को कम करने में मदद करती है।
एस्पिरिन और इबुप्रोफेन जैसे NSAIDs (नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स) से बचें, क्योंकि ये रक्तस्राव के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
प्लेटलेट काउंट की निगरानी: डॉक्टर नियमित रूप से प्लेटलेट काउंट की जांच करने की सलाह दे सकते हैं, खासकर यदि यह गिरने लगे।
आहार: हल्का और सुपाच्य भोजन खाएं, जैसे दलिया, खिचड़ी, मूंग दाल, उबली सब्जियां और दही।

गंभीर डेंगू का इलाज (अस्पताल में):
यदि किसी व्यक्ति में गंभीर डेंगू के चेतावनी संकेत दिखते हैं, तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए। अस्पताल में उपचार में शामिल हो सकते हैं:

अंतःशिरा तरल पदार्थ : डिहाइड्रेशन को रोकने और रक्तचाप बनाए रखने के लिए।
ब्लड ट्रांसफ्यूजन : गंभीर रक्तस्राव या प्लेटलेट काउंट में अत्यधिक गिरावट होने पर।
प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन: बहुत कम प्लेटलेट काउंट (आमतौर पर 10,000 से कम) होने पर।
अन्य सहायक देखभाल: रक्तचाप, हृदय गति और अन्य महत्वपूर्ण संकेतों की लगातार निगरानी।
आयुर्वेदिक और घरेलू उपाय (सहायक उपचार के रूप में, डॉक्टर की सलाह से):
कुछ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां और घरेलू उपाय डेंगू के लक्षणों को कम करने और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन इन्हें मुख्य उपचार के विकल्प के रूप में नहीं देखना चाहिए।

पपीते के पत्तों का रस: यह प्लेटलेट काउंट बढ़ाने में मदद कर सकता है। पत्तियों को पीसकर या उनका रस निकालकर सेवन किया जा सकता है।
गिलोय का काढ़ा: गिलोय को प्रतिरक्षा बढ़ाने और बुखार कम करने के लिए जाना जाता है। आप गिलोय की बेल को पानी में उबालकर काढ़ा बना सकते हैं या बाजार में उपलब्ध गिलोय के रस का सेवन कर सकते हैं।
तुलसी: तुलसी के पत्तों को पानी में उबालकर पीने से प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है और बुखार कम करने में मदद मिल सकती है। इसमें थोड़ी काली मिर्च भी मिला सकते हैं।
नीम के पत्ते: कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि नीम के पत्ते प्लेटलेट काउंट बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं।
हल्दी का दूध: हल्दी के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर को ठीक होने में मदद कर सकते हैं।
अदरक का रस और शहद: अदरक और शहद का मिश्रण बुखार और दर्द में राहत दे सकता है।
नारियल पानी: इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई करता है।

डेंगू से बचाव:
डेंगू से बचने का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों के काटने से बचना है, क्योंकि डेंगू संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलता है।

मच्छरदानी का उपयोग करें: खासकर दिन में और सोते समय।
मच्छर भगाने वाले स्प्रे या क्रीम का उपयोग करें।
पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
अपने घर और आसपास पानी जमा न होने दें: एडीज मच्छर साफ पानी में प्रजनन करते हैं। कूलर, फूलदान, पुराने टायर, पानी की टंकियों आदि में जमा पानी को नियमित रूप से खाली करें।
खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगवाएं।
साफ-सफाई का ध्यान रखें।
याद रखें, डेंगू एक गंभीर बीमारी हो सकती है। यदि आपको या आपके किसी परिचित को डेंगू के लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। घरेलू उपाय केवल सहायक होते हैं, और चिकित्सा पर्यवेक्षण आवश्यक है।

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