भारत और पाकिस्तान में जारी तनाव के बीच रूस ने पाकिस्तान के साथ एक महत्वपूर्ण आर्थिक समझौता किया है। इस अरबों की डील के तहत कराची में एक आधुनिक स्टील प्लांट का निर्माण होगा। यह समझौता 2015 से बंद पड़े सोवियत-निर्मित पाकिस्तान स्टील मिल्स (PSM) को दोबरा खड़ा करने के लिए है। इस डील की अनुमानित लागत 2.6 बिलियन डॉलर (लगभग 22,000 करोड़ रुपये) है, जो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
रूस और पाकिस्तान के बीच यह समझौता कराची में बंद पड़े स्टील प्लांट को दोबरा खड़ा करने के लिए किया गया है। इस प्लांट को 1970 के दशक में सोवियत संघ की सहायता से स्थापित किया गया था। यह प्लांट 1992 तक चालू रहा, लेकिन आर्थिक और तकनीकी कारणों से आखिरकार 2015 में इसे बंद कर दिया गया। नए समझौते के तहत, रूस उन्नत इस्पात निर्माण प्रौद्योगिकी यानी स्टील बनाने की सबसे एडवांस टेक्नोलॉजी वाली मशीनें प्रदान करेगा, जिससे पाकिस्तान की स्टील आयात पर निर्भरता में 30% तक की कमी आने की उम्मीद है।
पाकिस्तानी अधिकारियों और रूसी प्रतिनिधि डेनिस नजरूफ ने इस समझौते की पुष्टि की है। इस परियोजना का उद्देश्य पाकिस्तान के 11.2 मिलियन मीट्रिक टन स्टील खपत के अंतर को कम करना है, जिसके लिए देश को हर साल 2.6 बिलियन डॉलर का आयात करना पड़ता है। मार्च 2025 में ही आयातित स्क्रैप और अर्ध-तैयार उत्पादों की लागत 324 मिलियन डॉलर थी। इस प्रोजेक्ट से न केवल आयात बिल में कमी आएगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।


