नई दिल्ली/श्रीनगर। पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को गृह मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन सहित बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, असम राइफल्स और एनएसजी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। हमले में अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंताएं और गहरी हो गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इस हमले के जवाब में जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर आतंकवाद विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं। हालांकि, ऑपरेशन की संवेदनशीलता को देखते हुए फिलहाल कोई विशेष जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
सोमवार को डोडा जिले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 13 जगहों पर छापेमारी कर आतंकवाद से जुड़े ठिकानों को ध्वस्त किया। वहीं श्रीनगर में यूएपीए के तहत मामलों की जांच के तहत 63 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। यह तलाशी उचित कानूनी प्रक्रिया, कार्यकारी मजिस्ट्रेट और स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में की गई, जिनमें हथियार, दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए।
इस बीच, 22 अप्रैल को हुए हमले के बाद बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की पहली बैठक होने जा रही है। इससे पहले 23 अप्रैल को CCS (कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी) की बैठक में हमले की कड़ी निंदा की गई थी।
भारत ने इसके बाद कई कड़े कदम उठाए, जिनमें पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंधों में कटौती, पाकिस्तानी सैन्य अताशे को निष्कासित करना, सिंधु जल संधि को निलंबित करना और अटारी सीमा चौकी को बंद करना शामिल है।


