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Tuesday, March 3, 2026
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दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी विभागों को दिए निर्देश — तय करें प्राथमिकताएं, जनप्रतिनिधियों की बातों को दें वरीयता


दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी विभागों को दिए निर्देश — तय करें प्राथमिकताएं, जनप्रतिनिधियों की बातों को दें वरीयता

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की नव-नियुक्त मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रशासनिक अमले को सक्रिय और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के प्रमुखों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभाग की प्राथमिकताएं जल्द से जल्द तय करें और उन्हें निर्धारित समयसीमा में क्रियान्वित करें।

मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि “जनता की समस्याएं प्राथमिकता पर सुलझाई जाएं। हर विभाग को चाहिए कि वह तय करे कि आने वाले दिनों में किन कार्यों को सर्वोपरि रखना है और किन योजनाओं को तत्काल धरातल पर उतारना है।” उन्होंने अधिकारियों से जवाबदेही तय करने और कार्य में पारदर्शिता लाने को भी कहा।

सड़कों और जल आपूर्ति की स्थिति पर खास फोकस

बैठक में दिल्ली जल बोर्ड (DJB) और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को विशेष रूप से तलब किया गया। मुख्यमंत्री ने राजधानी में सड़कों की जर्जर स्थिति, जलभराव और पेयजल संकट जैसी समस्याओं को लेकर चिंता जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि इन बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता से सुलझाया जाए और जनता को जल्द राहत दी जाए।

जनप्रतिनिधियों की अनदेखी पर सख्ती

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विधायक और सांसद जनता की आवाज़ हैं, इसलिए उनके पत्रों, कॉल्स और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बातों को अनदेखा करता है या समय पर जवाब नहीं देता, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

“जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद की कड़ी मजबूत होनी चाहिए। यदि कोई अधिकारी उसमें बाधा बनता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा,” मुख्यमंत्री गुप्ता ने सख्त लहजे में कहा।

बदलाव की शुरुआत

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के इन सख्त निर्देशों को राजधानी में प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद को बेहतर बनाना, समस्याओं का समय पर समाधान और विभागीय जवाबदेही सुनिश्चित करना इस पहल की मुख्य प्राथमिकताएं हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह रुख मुख्यमंत्री के कामकाज के प्रति गंभीरता और संवेदनशीलता को दर्शाता है। आने वाले दिनों में इन निर्देशों का कितना प्रभाव दिखाई देगा, यह देखना दिलचस्प होगा।


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