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Tuesday, March 24, 2026
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महापौर मीनल चौबे ने बूढ़ातालाब में बन रही चौपाटी पर जताई नाराज़गी

​रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने हाल ही में बूढ़ा तालाब का दौरा किया और वहां निर्माणाधीन चौपाटी को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इस ऐतिहासिक स्थल पर हो रहे निर्माण कार्यों को शहर की धरोहर के साथ खिलवाड़ बताया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे कार्यों को तुरंत रोका जाए। ​

निरीक्षण के दौरान, महापौर चौबे ने बूढ़ा तालाब के फुटपाथ का भी जायजा लिया और वहां की अव्यवस्थाओं पर असंतोष जाहिर किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जल्द से जल्द इन समस्याओं का समाधान करें। ​

यह मामला रायपुर के ऐतिहासिक बूढ़ा तालाब (विवेकानंद सरोवर) से जुड़ा है। हाल ही में रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने बूढ़ा तालाब परिसर का दौरा किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहाँ बन रही चौपाटी (फूड स्टॉल कॉम्प्लेक्स) के निर्माण कार्यों पर नाराजगी जताई।

क्या है मामला?

नगर निगम द्वारा बूढ़ा तालाब परिसर में एक फूड चौपाटी (खाद्य स्टॉल कॉम्प्लेक्स) विकसित किया जा रहा है। लेकिन इस निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों और महापौर ने आपत्ति जताई।
मीनल चौबे का कहना है कि—

  • बूढ़ा तालाब रायपुर की ऐतिहासिक धरोहर है।
  • यहाँ पर व्यावसायिक निर्माण कार्य करना, विशेषकर फूड स्टॉल, तालाब के शांत और पवित्र वातावरण के साथ छेड़छाड़ है।
  • निगम अधिकारियों ने बिना जनप्रतिनिधियों की सलाह लिए निर्माण की स्वीकृति दे दी, जो नियम विरुद्ध है।

निरीक्षण के दौरान महापौर ने क्या कहा?

महापौर मीनल चौबे ने मौके पर अधिकारियों को निर्देश दिए—

  • चौपाटी निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोकने के लिए।
  • प्रोजेक्ट रिपोर्ट और अनुमति प्रक्रिया की जाँच की जाएगी।
  • शहर की धरोहरों के संरक्षण के लिए कोई भी व्यावसायिक गतिविधि बिना आम जनता और पार्षदों की सहमति के नहीं होगी।

नागरिकों और पार्षदों की प्रतिक्रिया

स्थानीय नागरिकों, पार्षदों और पर्यावरण प्रेमियों ने भी महापौर के इस रुख का समर्थन किया। उनका कहना है कि:

  • बूढ़ा तालाब पहले से ही व्यावसायिक अतिक्रमण का शिकार हो चुका है।
  • यहाँ पर चौपाटी बनने से कचरा, शोर-शराबा और भीड़ बढ़ेगी।
  • तालाब का आस्था और पर्यटन स्थल के रूप में मूल स्वरूप खत्म हो जाएगा।

निगम अधिकारियों का पक्ष

नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन करना था। लेकिन महापौर के निर्देश के बाद फिलहाल निर्माण कार्य रोक दिया गया है और इस पर पुनर्विचार किया जा रहा है।

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