जशपुर पुलिस ने विनायक होम्स एंड रियल स्टेट प्राइवेट लिमिटेड चिटफंड कंपनी के फरार डायरेक्टर जितेंद्र बीसे को मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर और भेष बदलकर रह रहा था।
8 जिलों में 54 करोड़ की ठगी
विनायक होम्स चिटफंड कंपनी ने छत्तीसगढ़ के 8 जिलों में 54 करोड़ रुपये की ठगी की थी। इस मामले में पहले से गिरफ्तार आरोपी फूलचंद बीसे और युवराज मालाकार को जेल भेजा जा चुका है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
कैसे हुआ खुलासा?
✔️ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने चिटफंड मामलों की समीक्षा कर आरोपियों की गिरफ्तारी और संपत्ति चिन्हांकन के निर्देश दिए थे।
✔️ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन में विशेष टीम बनाई गई।
✔️ इंदौर में आरोपी का सुराग मिला, जहां वह दाढ़ी बढ़ाकर और पहचान छिपाकर रह रहा था।
✔️ घेराबंदी कर आरोपी को पकड़कर जशपुर लाया गया।
ठगी का तरीका
📌 कंपनी ने निवेशकों को झांसा दिया कि उनकी राशि तीन गुना हो जाएगी।
📌 हर साल ₹25,000 का अतिरिक्त कमीशन देने का लालच दिया।
📌 एजेंटों के जरिए लोगों को फर्जी चेकनुमा कागजात दिए गए।
📌 785 निवेशकों से ₹1,59,85,534 (1.59 करोड़ रुपये) ठगने की पुष्टि हुई।
📌 कई और जिलों में इसी तरह की ठगी के मामले सामने आए।
मामले में दर्ज धाराएं
🔹 धारा 420, 120 (बी) भा.द.वि. – धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश
🔹 छत्तीसगढ़ निक्षेपकों का हित संरक्षण अधिनियम, धारा 10 – निवेशकों के अधिकारों का हनन
फरार आरोपियों की संपत्ति होगी जब्त
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और दो आरोपी अभी भी फरार हैं।
✔️ फरार आरोपियों की संपत्ति चिन्हांकन किया जा रहा है।
✔️ जल्द ही कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह
➡️ जल्द मुनाफे के लालच में न आएं।
➡️ किसी भी चिटफंड या निजी निवेश कंपनी में निवेश करने से पहले पूरी जांच करें।
➡️ सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों में ही निवेश करें।
➡️ संशय होने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
पुलिस की चेतावनी
👉 पुलिस ने जनता से अपील की है कि अगर किसी अन्य व्यक्ति ने भी इस कंपनी में पैसा लगाया है, तो वे थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
📌 चिटफंड ठगी का यह मामला छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ी वित्तीय धोखाधड़ी में से एक है, जिसकी जांच जारी है।


