चिपको आंदोलन: पर्यावरण रक्षा की ऐतिहासिक पहल

चिपको आंदोलन (Chipko Movement) भारत में एक पर्यावरणीय आंदोलन था, जो 1973 में उत्तराखंड (तब उत्तर प्रदेश) के चमोली जिले में शुरू हुआ था। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य वनों की कटाई को रोकना और स्थानीय लोगों को उनके प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जागरूक करना था।

मुख्य विशेषताएँ:

  1. स्थान: चमोली जिला, उत्तराखंड।
  2. शुरुआत: 1973।
  3. नेतृत्व: इस आंदोलन का नेतृत्व मुख्य रूप से महिलाओं ने किया। इसमें गौरा देवी का विशेष योगदान था।
  4. रणनीति: लोग पेड़ों से चिपककर उनकी कटाई रोकते थे। इसी वजह से इसे “चिपको आंदोलन” कहा गया।

चिपको आंदोलन ने भारत में पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े स्तर पर जागरूकता फैलाई और सरकार को वनों की कटाई पर नियंत्रण लगाने के लिए मजबूर किया।

More Topics

विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर प्रदेशभर में जागरूकता, जांच और टीकाकरण अभियान को मिली गति

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही सहित सभी जिलों में आयोजित हुए व्यापक जनजागरूकता...

समर्थ और विकसित छत्तीसगढ़ के लिए अहम उपक्रम साबित होगा खेल – अरुण साव

-उप मुख्यमंत्री ने स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का किया शुभारंभ-छत्तीसगढ़ में...

मेटा ने पीएम मोदी का फेसबुक पोस्ट हटाया: कंपनी बोली- गलती से हुआ

सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना...

इसे भी पढ़े