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Saturday, March 14, 2026
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ओडिशा में नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों का प्रदर्शन: परीक्षा रद्द करने की मांग

ओडिशा में OSSSC भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के खिलाफ उम्मीदवारों का प्रदर्शन। परीक्षा रद्द करने की मांग और सरकार से न्याय की अपील। जानें पूरी जानकारी।

भुवनेश्वर: ओडिशा के उच्च शिक्षा मंत्री सुर्यवंशी सूरज के निवास के बाहर गुरुवार को सैकड़ों नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों ने बड़े पैमाने पर भर्ती अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न पदों के लिए हुई भर्तियों में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए परीक्षा को रद्द करने की मांग की है।

भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप

उम्मीदवारों का आरोप है कि ओडिशा अधीनस्थ कर्मचारी चयन आयोग (OSSSC) द्वारा राजस्व निरीक्षकों (Revenue Inspectors), ICDS पर्यवेक्षकों, सहायक राजस्व निरीक्षकों, अमीन और अन्य पदों पर भर्ती में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ हुई हैं। इन अनियमितताओं के चलते मेरिट के आधार पर योग्य उम्मीदवारों को नजरअंदाज किया गया और ऐसी प्रक्रिया अपनाई गई जो पारदर्शिता से दूर थी।

उम्मीदवारों का कहना है कि सरकार द्वारा आयोजित इन परीक्षाओं में नियमों का उल्लंघन किया गया है और भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से नहीं चलाया गया। इसके चलते सैकड़ों योग्य उम्मीदवारों को नौकरी से वंचित रहना पड़ा।

विभिन्न जिलों में प्रदर्शन

भुवनेश्वर में उच्च शिक्षा मंत्री के निवास के बाहर प्रदर्शन के साथ-साथ ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में भी सैकड़ों उम्मीदवारों ने इसी मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि OSSSC द्वारा आयोजित की गई इन परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और सिफारिशों का बोलबाला था, जिसके चलते योग्य उम्मीदवारों को हाशिये पर धकेल दिया गया।

यह प्रदर्शन राज्य के कई हिस्सों में फैल गया, जहाँ उम्मीदवारों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की कि इन भर्ती परीक्षाओं की गहन जांच कराई जाए और भर्ती प्रक्रिया को फिर से निष्पक्ष तरीके से संचालित किया जाए।

OSSSC पर सवाल

OSSSC, जो राज्य के विभिन्न विभागों में अधीनस्थ कर्मचारियों की भर्ती के लिए जिम्मेदार है, पर कई बार अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। यह संगठन समय-समय पर अलग-अलग विभागों में राजस्व निरीक्षक, अमीन, ICDS पर्यवेक्षक जैसे पदों पर भर्ती करता है। लेकिन इस बार के आरोप गंभीर हैं क्योंकि नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों का कहना है कि OSSSC ने भर्ती प्रक्रिया में भारी भ्रष्टाचार किया है।

सरकार से कार्रवाई की मांग

प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों की मुख्य मांग है कि सरकार तुरंत इन अनियमितताओं की जांच कराए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। इसके साथ ही, वे चाहते हैं कि जिन परीक्षाओं में गड़बड़ी हुई है, उन्हें रद्द किया जाए और नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए ताकि योग्य उम्मीदवारों को उनकी योग्यता के आधार पर नौकरी मिल सके।

उम्मीदवारों ने राज्य सरकार से मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और ऐसे किसी भी भ्रष्टाचार या सिफारिशी प्रक्रिया को खत्म किया जाए जिससे योग्य उम्मीदवारों का हक मारा जाता हो।

प्रदर्शनकारियों का कहना

प्रदर्शन में शामिल एक उम्मीदवार ने कहा, “हमने कड़ी मेहनत से इन परीक्षाओं की तैयारी की थी, लेकिन अब यह देखना बहुत निराशाजनक है कि भ्रष्टाचार और सिफारिशों के चलते हमें नौकरी से वंचित किया जा रहा है। हम मांग करते हैं कि सरकार इस प्रक्रिया की जांच करे और उन लोगों को सजा दे जो इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार हैं।”

एक अन्य उम्मीदवार ने कहा, “यह हमारी जिंदगी का सवाल है। हम केवल न्याय की मांग कर रहे हैं। सरकार को चाहिए कि वह हमारे साथ खड़ी हो और इन अनियमितताओं को खत्म करे।”

सरकार की प्रतिक्रिया

अभी तक राज्य सरकार या OSSSC की तरफ से इन आरोपों पर कोई औपचारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री सुर्यवंशी सूरज के निवास के बाहर हुए इस बड़े प्रदर्शन के बाद यह मामला राज्य सरकार के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है।

विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना की है और कहा है कि सरकार को इन अनियमितताओं की जांच करानी चाहिए और दोषियों को सजा दिलानी चाहिए। विपक्ष ने इस मामले को लेकर विधानसभा में भी चर्चा की मांग की है।

समाधान की दिशा में कदम

यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस मुद्दे का समाधान कैसे करती है। सरकार के सामने दो प्रमुख चुनौतियाँ हैं: पहली, भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को बहाल करना, और दूसरी, उन उम्मीदवारों को न्याय दिलाना जो इस भर्ती प्रक्रिया के शिकार हुए हैं।

यदि सरकार जल्द ही इन अनियमितताओं की जांच कराती है और दोषियों को सजा दिलाती है, तो इससे उम्मीदवारों का भरोसा वापस आ सकता है। इसके अलावा, यह जरूरी है कि सरकार नई भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संचालित करे ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।

ओडिशा में भर्ती अनियमितताओं के खिलाफ उम्मीदवारों का प्रदर्शन एक गंभीर समस्या को उजागर करता है। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना किसी भी सरकार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि योग्य उम्मीदवारों को उनके हक से वंचित न किया जाए। सरकार को चाहिए कि वह इस मुद्दे का समाधान जल्द से जल्द करे और उम्मीदवारों को न्याय दिलाए।

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