लड़कियों के नाक-कान छिदवाने की परंपरा काफी पुरानी हो चुकी है। आजकल लड़कियां शौक में भी नाक-कान छिदवा लेती हैं और ये ट्रेंड में आ चुका है। लेकिन नाक-कान छिदवाने के बाद अगर सही केयर न की जाए, तो इनमें इंफेक्शन का खतरा या पकने का डर रहता है। साथ ही दर्द भी काफी ज्यादा होता है, जो कई बार बर्दाश्त के बाहर भी हो जाता है।
अगर आप नाक छिदवा रही हैं, तो उसकी केयर करने के कुछ घरेलू तरीके जरूर जान लीजिए। इन तरीकों से आपकी नाक में दर्द नहीं होगा और ना ही इंफेक्शन का कोई खतरा होगा। चलिए बताते हैं इन तरीकों के बारे में।
1- ओस की बूंद
बचपन में मैंने जब अपनी नाक छिदवाई थी, तब मेरी नानी मेरी नाक पर सुबह की ओस की बूंद रख देती थी। इससे नाक को ठंडक पहुंचती थी और मेरी नाक पकी भी नहीं। आजकल सर्दियों में नाक छिदवा रही हैं, तो सुबह ओस की बूंद कही भी घास पर आसानी से मिल जाएगी। इस बूंद को उंगली में लेकर लगाएं या फिर कॉटन में लेकर लगाएं।
2- सरसों का तेल
नाक छिदवाने के 2-3 दिन बाद सरसों का तेल लगाना शुरू करें। इससे नाक का छेद बंद नहीं होगा और पपड़ी भी नहीं जमेगी। कई बार नाक पकने पर पस या पपड़ी बन जाती है, सरसों के तेल से ऐसा नहीं होगा और नाक का दर्द भी कम होगा।
3- गर्म पानी
नाक छिदवाने के बाद उसकी साफ-सफाई का खास ध्यान रखना पड़ता है। वरना वो तुरंत पक सकती है और दर्द भी काफी ज्यादा होगा। इसके लिए आपको गर्म पानी करना है, रुई में पानी लगाकर हल्के हाथों से सिकाई करें। ऐसा करने से नाक साफ होगी और इंफेक्शन का खतरा भी कम होता है।
नाक छिदने के बाद क्या पहनें
नाक छिदवाने के बाद आप चांदी-सोने की तार वाली बाली पहनें या फिर नीम की डंडी पहन लें। नीम की डंडी से पकने का खतरा नहीं होगा और नाक का छेद आसानी से सेट हो जाएगा। बाद में आप इसे अपने हाथ से बदल सकते हैं। नाक छिदवाने के बाद किसी भी तरह की दिक्कत होने पर डॉक्टर को दिखाएं और अच्छी जगह से ही पियर्सिंग कराएं।


