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Saturday, February 28, 2026
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सावधानी ज़रूरी! इन 5 तरह के लोगों को नहीं खाना चाहिए सिंघाड़ा (Water Chestnuts)

बाज़ार में सिंघाड़े (Water Chestnuts) की भरमार है, जो पोषक तत्वों का भंडार होते हैं। इनमें विटामिन B6, पोटैशियम, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। हालांकि, कुछ विशेष स्वास्थ्य स्थितियों में या कुछ खास लोगों के लिए इसका सेवन हानिकारक भी हो सकता है।

यदि आपको नीचे बताई गई कोई समस्या है, तो आपको सिंघाड़े का सेवन करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए या इससे पूरी तरह परहेज करना चाहिए।

किन लोगों को सिंघाड़े से परहेज करना चाहिए?

1. जिनको फूड एलर्जी है

कुछ लोगों में सिंघाड़े के सेवन से एलर्जी की प्रतिक्रिया हो सकती है।

  • लक्षण: एलर्जी के लक्षणों में त्वचा पर रैशेज, खुजली, सूजन, पेट दर्द या उल्टी-मतली शामिल हो सकते हैं।
  • सलाह: अगर किसी को पहले से किसी भी फूड एलर्जी की समस्या है, तो उन्हें सिंघाड़ा खाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

2. पाचन संबंधी समस्या वाले लोग

सिंघाड़े की प्रकृति ठंडी और भारी होती है, जिसे पचाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।

  • समस्या: जिन लोगों को पाचन में गड़बड़ी, गैस, अपच या कब्ज की शिकायत रहती है, उन्हें इसे बहुत कम मात्रा में या बिल्कुल नहीं खाना चाहिए।
  • विशेष सावधानी: कच्चा सिंघाड़ा पाचन पर ज्यादा भारी हो सकता है, इसलिए ऐसे लोगों को इससे बचना चाहिए।

3. ठंडी प्रकृति (शीत प्रकृति) वाले लोग

आयुर्वेद के अनुसार, सिंघाड़े की प्रकृति “शीत” होती है।

  • समस्या: ऐसे लोग जिन्हें बार-बार सर्दी, खांसी या जुकाम होता है, उनके लिए सिंघाड़ा हानिकारक हो सकता है।
  • सलाह: विशेषकर सर्दियों के मौसम में ठंडी प्रकृति वाले लोगों को इसका सेवन सीमित करना चाहिए।

4. डायबिटीज के मरीज़

हालांकि सिंघाड़े का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) कम होता है, लेकिन इसमें स्टार्च की मात्रा अच्छी होती है।

  • प्रभाव: कुछ मामलों में, स्टार्च की मात्रा के कारण यह ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकता है।
  • सलाह: डायबिटीज के मरीज़ों को इसके सेवन की मात्रा और तरीके के बारे में डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह लेने के बाद ही इसे अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।

5. थायरॉइड के मरीज़

सिंघाड़े में कुछ ऐसे कंपाउंड होते हैं जो आयोडीन के अवशोषण (Absorption) को प्रभावित कर सकते हैं।

  • समस्या: यह प्रभाव हाइपोथायरॉइडिज्म (Hypothyroidism) के मरीज़ों के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
  • सलाह: थायरॉइड से पीड़ित लोगों को इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए।

सिंघाड़ा कब और कैसे खाएं (सुरक्षित सेवन के टिप्स)

जिन लोगों को उपरोक्त कोई समस्या नहीं है, वे सिंघाड़े का सेवन करते समय इन बातों का ध्यान रख सकते हैं:

  1. पकाकर खाएं: उबला हुआ सिंघाड़ा या सिंघाड़े का आटा (जैसे कि व्रत में इस्तेमाल होता है) कच्चे सिंघाड़े की तुलना में ज्यादा सुपाच्य होता है।
  2. भिगोकर खाएं: सिंघाड़े को कुछ देर भिगोकर खाने से इसकी शीत (ठंडी) प्रकृति थोड़ी कम हो सकती है।
  3. स्वच्छता: कच्चा सिंघाड़ा खाते समय उसकी साफ-सफाई (अच्छी तरह धोना) का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि यह पानी में उगता है।

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