आयुर्वेद में सदियों से इस्तेमाल होने वाली ‘गोटू कोला’ (Gotu Kola) या मण्डूकपर्णी (कुछ क्षेत्रों में इसे ब्राह्मी भी कहते हैं) को अब आधुनिक विज्ञान भी ‘ब्रेन फूड’ मान रहा है। यह चमत्कारी जड़ी-बूटी न केवल याददाश्त बढ़ाती है, बल्कि कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं में भी राहत देती है।
गोटू कोला के 3 मुख्य फायदे:
- याददाश्त और एकाग्रता में सुधार (Memory & Focus): इसे नर्व टॉनिक माना जाता है। यह मस्तिष्क में रक्त संचार और ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाकर सोचने-समझने की शक्ति और एकाग्रता को बढ़ाती है। अल्जाइमर जैसी स्थितियों में भी इसके फायदे देखे गए हैं।
- तनाव और चिंता कम करे (Stress Relief): गोटू कोला में एडाप्टोजेनिक गुण होते हैं। यह तनाव हार्मोन कोर्टिसोल के स्तर को कम करके चिंता (Anxiety) और अवसाद को दूर करने में मदद करती है, जिससे अच्छी नींद आती है।
- त्वचा और घाव भरना (Skin & Healing): इसमें प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। यह त्वचा में कोलेजन के स्तर को बढ़ाकर झुर्रियां कम करती है और घावों को तेजी से भरने में भी सहायक है।
उपयोग: इसका सेवन पाउडर, कैप्सूल या रस के रूप में किया जाता है। हालांकि, इसे अपनी डाइट में शामिल करने से पहले किसी आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।


