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Sunday, February 8, 2026
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पित्त को शांत करने के लिए घरेलू रामबाण उपाय

पित्त को शांत करने के लिए कई घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय मौजूद हैं। पित्त बढ़ने पर शरीर में गर्मी बढ़ती है, जिससे एसिडिटी, जलन, त्वचा संबंधी समस्याएं, गुस्सा और चिड़चिड़ापन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।


पित्त को शांत करने के लिए घरेलू उपाय

  • ठंडी तासीर वाली चीज़ें खाएं:
    • खीरा, तरबूज, नारियल पानी: ये शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करते हैं।
    • सौंफ और धनिया का पानी: एक चम्मच सौंफ और एक चम्मच धनिया को रात भर एक गिलास पानी में भिगोकर रखें और सुबह छानकर पिएं।
    • आंवला: आंवले का जूस या गुलकंद पित्त को संतुलित करने में बहुत फायदेमंद होता है। इसमें ठंडी तासीर होती है जो जलन को कम करती है।
    • गुलाब की पंखुड़ियां: गुलाब की पंखुड़ियां भी पित्त को शांत करती हैं। आप इन्हें पीसकर गुलकंद बनाकर सेवन कर सकते हैं।
    • एलोवेरा: एलोवेरा जूस पित्त को कम करने में सहायक है। त्वचा पर लगाने से भी जलन शांत होती है।
    • घी: रात को सोने से पहले गर्म दूध के साथ एक चम्मच घी लेने से पाचन ठीक रहता है।
  • खान-पान में बदलाव:
    • मीठे, कड़वे और कसैले स्वाद: इन स्वादों वाली चीजें पित्त को शांत करती हैं।
    • कम मसालेदार और तला हुआ भोजन: पित्त बढ़ने पर इनसे बचना चाहिए।
    • कच्ची सब्जियां: खीरा, मूली, चुकंदर, ककड़ी, गाजर, ब्रोकली जैसी ठंडी सब्जियां अधिक खाएं।
    • दही या छाछ: ये शरीर को ठंडक देते हैं।
    • नारियल का दूध/पानी: पित्त को शांत करने में सहायक है।
    • कैफीन, ब्लैक टी, शराब और रेड मीट: इनका सेवन कम करें या बचें।

आयुर्वेदिक उपाय

आयुर्वेद में पित्त दोष को संतुलित करने के लिए कई जड़ी-बूटियां और उपचार बताए गए हैं:

  • त्रिफला चूर्ण: रात में सोने से पहले एक चम्मच त्रिफला चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लेने से पाचन ठीक रहता है और पित्त की गर्मी कम होती है।
  • नीम: नीम का रस शरीर की सफाई करता है और पित्त को कम करने में मदद करता है। नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर उस पानी से स्नान भी कर सकते हैं।
  • शतावरी: यह शरीर को शीतल बनाए रखने में मदद करती है और पित्त की समस्याओं को शांत करती है।
  • तुलसी, काली मिर्च, जीरा, धनिया, मेथी: इन जड़ी-बूटियों से बनी चाय पित्त को शांत करने में सहायक होती है।

जीवनशैली और योगासन

  • पर्याप्त पानी पिएं: पूरे दिन खूब पानी पिएं, खासकर कमरे के तापमान का या थोड़ा ठंडा पानी।
  • तनाव कम करें: ज्यादा काम करने या भावनात्मक तनाव लेने से बचें।
  • नियमित दिनचर्या: एक संतुलित दिनचर्या अपनाएं।
  • ध्यान और योग: ध्यान और योग पित्त को संतुलित करने में बहुत प्रभावी हैं।
    • पित्त शांत करने वाले योगासन: मार्जरीआसन, शिशु आसन, चंद्र नमस्कार, उत्कटासन, भुजंगासन, पश्चिमोत्तासन, शशकासन, योगमुद्रासन, गौमुखासन, बटरफ्लाई पोज, सर्वांगासन।
    • प्राणायाम: नियमित प्राणायाम करने से भी पित्त दोष से राहत मिल सकती है।

महत्वपूर्ण सलाह:

यदि आपको पित्त संबंधी गंभीर या बार-बार होने वाली समस्या है, तो किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह लेना बहुत जरूरी है। वे आपकी शारीरिक प्रकृति और लक्षणों के अनुसार सही निदान और उपचार बता सकते हैं।

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