इन पत्तियों में पपेन, एल्कलॉइड और फेनोलिक यौगिकों सहित कई लाभकारी यौगिक होते हैं, जो प्रोटीन के पाचन में सहायता करते हैं और पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं। इनमें मौजूद प्रमुख एल्कलॉइड में से एक कार्पेन है, जो अपने कीमो-प्रोटेक्टिव गुणों के लिए जाना जाता है। पपीते के पत्ते कैंसर-रोधी और मलेरिया-रोधी भी होते हैं, क्योंकि पत्तियों का अर्क कैंसर से लड़ने वाले यौगिकों से भरपूर होता है। मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में, पपीते के पत्तों का उपयोग निवारक उपाय के रूप में भी किया जाता है।
यदि आप और अधिक जानना चाहते हैं, तो पपीते के पत्तों के रस के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ इस प्रकार हैं:
यकृत के स्वास्थ्य में सहायक:यकृत की बीमारियों जैसे सिरोसिस, यकृत कैंसर और पीलिया के इलाज में मदद करता है।
रक्त प्लेटलेट उत्पादन को बढ़ाता है: प्लेटलेट काउंट को उत्तेजित करता है, जो डेंगू जैसी बीमारियों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
पाचन में सहायक: एमाइलेज, काइमोपैपेन, प्रोटीएज़ और पपेन जैसे एंजाइमों से भरपूर, जो स्वस्थ पाचन को बढ़ावा देते हैं।
रोगों से बचाव: इसमें एसिटोजिनिन नामक एक यौगिक होता है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत करता है और मलेरिया, डेंगू और कैंसर से बचाने में मदद करता है।
मासिक धर्म चक्र को नियंत्रित करता है: नियमित सेवन से मासिक धर्म के लक्षणों में कमी आ सकती है और हार्मोनल चक्रों को संतुलित करने में मदद मिल सकती है।
सूजन कम करता है: इसमें शक्तिशाली सूजनरोधी गुण होते हैं जो शरीर में सूजन और बेचैनी को कम करते हैं।
ऊर्जा का स्तर बढ़ाता है: दैनिक सेवन थकान से लड़ने और समग्र जीवन शक्ति में सुधार करने में मदद कर सकता है।


