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Sunday, February 8, 2026
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इस्कॉन मंदिर रायपुर

छत्तीसगढ़ की राजधानी अब धर्मनगरी का स्वरुप लेता जा रहा हैं। यहां मौजूद राम मंदिर, सालासर बालाजी मंदिर और जगन्नाथ मंदिर के बाद टाटीबंध क्षेत्र में इस्कॉन मंदिर भी भक्तों के आकर्षण का केंद्र बनकर उभर रहा है। इस्कॉन मंदिर एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। इस्कॉन मंदिरों की श्रृंखला पूरी दुनिया में फैली हुई है, और हर मंदिर का उद्देश्य कृष्ण भक्तों को एकत्रित करना और उनके बीच आध्यात्मिक जागरूकता फैलाना है। आइए इस मंदिर के बारे में विस्तार से जानते हैं:

मंदिर की संरचना और वास्तुकला
इस्कॉन मंदिर रायपुर का वास्तुशिल्प बहुत ही भव्य और आध्यात्मिक वातावरण वाला है।
मंदिर की संरचना आधुनिकता और पारंपरिक भारतीय वास्तुकला का संयोजन है, जो इसे एक अद्वितीय पहचान देता है।
मंदिर के मुख्य भवन में भगवान श्रीकृष्ण और राधा जी की भव्य मूर्तियां स्थापित हैं, जिन्हें अत्यंत सुंदरता और भाव से सजाया गया है।

बता दें कि इस श्रीराधा-रासबिहारी इस्कॉन मंदिर को तैयार होने में 12 साल का समय लगा है। इस्कॉन मंदिर साल 2012 में बनना शुरू हुआ था। इसमें 13 शिखर बनाए गए हैं और हर शिखर पर सोने से बने कलश रखे गए हैं। 13 सोने के कलश का कुल वजह 1.25 किलो है।

बता दें कि विगत दिनों इस्कॉन मंदिर का प्राण-प्रतिष्ठा समारोह हुआ। प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में विदेश से भी मेहमान पहुंचे हैं। समारोह 3 दिन तक चला जिसमें हवन, भजन समेत कई आयोजन हुए। इसमें 19 अगस्त को सुबह 5 बजे भगवान के विग्रह को नए मंदिर में स्थापित किया गया

हवन के लिए कुल 21 कुंड बनाए गए थे। सुबह से हरी नाम संकीर्तन चला। इस आयोजन में जापान, अमेरिका और साउथ अफ्रीका से प्रतिनिधि रायपुर पहुंचे थे। देश के सभी राज्यों से इस्कॉन के अध्यक्ष भी शामिल हुए थे।

मंदिर में 13 शिखर हैं। इन सभी शिखरों पर स्वर्ण कलश लगाए गए है। 1 किलो 250 ग्राम सोने से कलश का निर्माण किया गया है। 7 जुलाई को मुख्य शिखर पर स्वर्ण कलश, कपि-ध्वज और सुदर्शन चक्र की स्थापना की गई। बाकी के 12 कलश 16 अगस्त को स्थापित किए गए हैं।

परिसर के लिए 2001 में सवा तीन एकड़ जमीन मिली थी। इसका विस्तार 10 एकड़ में हो चुका है। मंदिर के निर्माण में अब तक 51 करोड़ रुपए से अधिक खर्च हो चुके हैं। मंदिर परिसर में ही 64 कमरों का सुविधायुक्त गेस्ट-हाउस तैयार किया गया है।

इस्कॉन मंदिर कैसे पहुंचे
इस्कॉन मंदिर रायपुर शहर के टाटीबंध इलाके में स्थित है।
यह मंदिर रायपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 8 किमी और स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से लगभग 15 किमी की दूरी पर स्थित है।
मंदिर तक शहर के विभिन्न हिस्सों से आसानी से पहुंचा जा सकता है।

ठहरने की व्यवस्था
इस्कॉन मंदिर रायपुर में भक्तों और पर्यटकों के लिए ठहरने की व्यवस्था है, ताकि वे मंदिर में आध्यात्मिक अनुभव का आनंद लेते हुए आराम से रह सकें।
रायपुर में इस्कॉन मंदिर के आसपास कई प्राइवेट होटल उपलब्ध हैं, जो विभिन्न बजट और सुविधाओं के अनुसार ठहरने की व्यवस्था प्रदान करते हैं।

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