Total Users- 1,167,642

spot_img

Total Users- 1,167,642

Friday, March 6, 2026
spot_img

योगी सरकार ने नेपाल बॉर्डर से सटे एक शहर को यूपी का 76वां जिला बनाने का फैसला क्यों किया

उत्तर प्रदेश में एक और जनपद की स्थापना जल्द ही होगी। इस नए शहर का नाम शायद फरेंदा होगा। बाद में उसे गोरखपुर और महाराजगंज की कुछ तहसीलों को मिलाकर वीर बहादुर सिंह जनपद रखा जा सकता है। यह उत्तर प्रदेश का हिस्सा नेपाल से सटा हुआ है। यहाँ से लोग नेपाल आते हैं, और थोड़ी दूर पर एक छोटा एयरपोर्ट है जहां से कई देशों में फ्लाइटें चलती हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस क्षेत्र को लंबे समय से चल रहे विकास से बदलना चाहा। यह कस्बा भी सामरिक रूप से महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में पाकिस्तान और चीन से गुप्तचर गतिविधियों की भी आशंका रहती है. शायद यही वजह है कि इस जिले को योगी सरकार काफी गंभीरता से ले रही है.

यह राजनीतिक क्षेत्र वर्तमान में उत्तर प्रदेश की महाराजगंज तहसील में है और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह का निवास स्थान है। यहां विकास को बढ़ावा देने के लिए इसे जिला बनाने की योजना बनाई जा रही है। भूमि व्यवस्था आयुक्त भीष्म लाल वर्मा, उत्तर प्रदेश राजस्व आयुक्त, ने कहा कि महाराजगंज की फरेंदा और गोरखपुर की कैंपियरगंज तहसील को मिलाकर फरेंदा जिला बनाया जाएगा।

आनंदनगर भी महाराजगंज का फरेंदा है। नगर पंचायत है। इसलिए यह भी तहसील का दर्जा रखता है। नेपाल से सटा हुआ यह जिला बहुत अलग है। सरकार के लिए यह कस्बा बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह नेपाल से सटा है। आनंदनगर जंक्शन भी एक रेलवे स्टेशन है। यहां से एक ट्रेन नौतनवा जाती है। दिल्ली, जयपुर और अन्य कई बड़े शहरों के लिए यहां से सीधी ट्रेन मिलती है। यह महाराजगंज की सबसे बड़ी तहसीलों में से एक है।

राजस्व आयुक्त ने महाराजगंज और गोरखपुर के जिलाधिकारी सहित गोरखपुर मंडल आयुक्त को इस संबंध में रिपोर्ट देने के लिए कहा है। ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। विभिन्न अनापत्तियां मिलने और रिपोर्ट सकारात्मक होने पर उत्तर प्रदेश की कैबिनेट मीटिंग में फरिंदा तहसील को एक नए जिले में बदलने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा।

More Topics

 कृषक उन्नति योजना से सशक्त हो रहे अन्नदाता

किसानों की खुशहाली को मिला बल, अंतर राशि से...

महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल जानकी

-महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल जानकी-सरकारी योजनाओं...

स्व-सहायता समूह से जुड़कर लखपति दीदी बनी कांतिबाई

मेहनत, धैर्य और सही मार्गदर्शन से कोई भी महिला...

इसे भी पढ़े