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Monday, March 2, 2026
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इन दो जिलों में खरबों का खजाना दबा है! मंत्री ने स्वयं राज्यसभा में घोषणा की

: केंद्र ने कहा कि कर्नाटक के दो जिलों में 1,600 टन लिथियम भंडार है। ये सूचनाएं राज्यसभा में पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने दीं।

 कर्नाटक के दो जिलों में 1,600 टन लिथियम भंडार मिला है, जिसकी जानकारी पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने दी. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में बताया कि कर्नाटक के मांड्या और यादगिरी जिलों में लिथियम के भंडार मिले हैं. परमाणु ऊर्जा विभाग की एक इकाई और परमाणु खनिज अन्वेषण और अनुसंधान निदेशालय ने भी इन संसाधनों की पहचान कर ली है. 

एक लिखित उत्तर में पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि यादगिरी जिले में किए गए सर्वेक्षण और सीमित भूमिगत अन्वेषण से लिथियम होने के संकेत मिले हैं. अनुमान जताया गया कि लिथियम की मौजूदगी सिर्फ कर्नाटक तक ही सीमित नहीं है बल्कि ये छत्तीसगढ़ तक है. इस कड़ी में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में भी जांच जारी है. 

कंपनियों ने दिखाई रुचि

जितेंद्र सिंह के मुताबिक, कुछ प्राइवेट कंपनियां अपने कैप्टिव साइट्स में रिएक्टर लगाने में रुचि ले रही हैं. राजस्थान, बिहार और आंध्र प्रदेश में अभ्रक बेल्ट हैं. वहीं ओडिशा, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक में मौजूद पेग्माटाइट बेल्ट लिथियम संसाधनों को संभावित भूगर्भीय क्षेत्र प्रदान करती हैं. 

हिमाचल प्रदेश में क्या मिला?

पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि हाल ही में एएमडी (AMD) ने हिमाचल प्रदेश में जांच की. एएमडी ने हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले मसानबल में सतही यूरेनियम की पहचान की है. हालांकि, हिमाचल प्रदेश में परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के संबंध में किसी भी तरह का अध्ययन नहीं किया गया. 

राज्यसभा में जितेंद्र सिंह के लिखित उत्तर के मुताबिक, परमाणु ऊर्जा विभाग का ध्यान छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों के क्षेत्र में दुनिया भर में विकास और हाल के रुझानों पर है. बताया गया कि भारत और रूस की सरकार ने परमाणु ऊर्जा के उपयोग के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है. भारत और रूस ने छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों को भी सहयोग के क्षेत्र में शामिल किया है. 

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