Total Users- 1,181,114

spot_img

Total Users- 1,181,114

Thursday, March 26, 2026
spot_img

MP में कमजोर तो UP में सबसे ज्‍यादा बौने बच्‍चे,

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि 0-5 वर्ष आयुवर्ग के लगभग 17 प्रतिशत बच्चे कम वजन वाले हैं, जबकि 36 प्रतिशत बच्चे बौने और छह प्रतिशत कमजोर (शक्तिक्षीण) हैं। शून्य से पांच वर्ष आयु वर्ग के बच्चों में बौनापन, शक्तिक्षीणता और कम वजन कुपोषण के मुख्य संकेतक हैं। 

बौनापन से तात्पर्य उन बच्चों से है जो अपनी उम्र के हिसाब से बहुत छोटे होते हैं। ऐसा आमतौर पर दीर्घकालिक कुपोषण के कारण होता है। शक्तिक्षीण बच्चों का तात्पर्य उन बच्चों से है, जो अपनी लंबाई के हिसाब से बहुत पतले हैं, जो गंभीर रूप से कम वजन के कारण तीव्र कुपोषण का संकेत देते हैं। ऐसे बच्चों का वजन उनकी उम्र के हिसाब से कम होता है, जिसमें बौनापन और शक्तिक्षीणता दोनों शामिल हैं और यह दीर्घकालिक या तीव्र कुपोषण या दोनों को दर्शाता है। 

महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि जून 2024 के ‘पोषण ट्रैकर’ के आंकड़ों के अनुसार, छह वर्ष से कम उम्र के लगभग 8.57 करोड़ बच्चों की लंबाई मापी गई, जिनमें से 35 प्रतिशत बौने पाए गए वहीं 17 प्रतिशत कम वजन वाले और पांच वर्ष से कम उम्र के छह प्रतिशत बच्चे शक्तिक्षीण पाए गए। उन्होंने राज्यवार आंकड़े भी साझा किये, जिसके अनुसार बौनेपन की सर्वाधिक 46.36 प्रतिशत दर उत्तर प्रदेश में है, जिसके बाद लक्षद्वीप में यह दर 46.31 प्रतिशत है। 

More Topics

खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहब कंगाले ने ली समीक्षा बैठक

-कमर्शियल एलपीजी वितरण के लिए प्राथमिकता श्रेणियां तय, दैनिक...

छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण को मिलेगी नई दिशा

स्क्रिप्ट समिति गठन हेतु महत्वपूर्ण बैठक रायपुर। संस्कृति एवं राजभाषा...

कक्षा 12वीं की हिन्दी विषय की पुनः परीक्षा 10 अप्रैल को आयोजित होगी

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर द्वारा हायर सेकेण्डरी स्कूल...

ईरान ने वार्ता के लिए ट्रंप के सामने रख दी कड़ी शर्त,हिज़्बुल्लाह के खिलाफ…

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वार्ता पुनः शुरू करने के प्रस्ताव...

इसे भी पढ़े