
कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार लोकसभा चुनाव में लगे झटके से सबक लेने के बजाय आज भी विभाजन और डर फैलाने की अपनी नीति पर कायम है। उन्होंने कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में पार्टी नेताओं से यह आह्वान भी किया कि लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद माहौल पार्टी के पक्ष में है, लेकिन आत्मसंतुष्ट और अति आत्मविश्वासी नहीं बनना है तथा एकजुट होकर काम करना है।सीपीपी की बैठक की शुरुआत में, केरल के वायनाड में कल मंगलवार को तड़के हुए भूस्खलन में मारे गए लोगों और दिल्ली के एक कोचिंग संस्थान में बारिश के पानी में डूबने के कारण जान गंवाने वाले 3 विद्याथियों के सम्मान में कुछ देर मौन रखा गया। संसदीय दल के प्रमुख के तौर पर दिए गए अपने भाषण में सोनिया गांधी ने मोदी सरकार, भाजपा एवं आरएसएस पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा, ‘‘हमें लगता था कि मोदी सरकार लोकसभा चुनाव में लगे बड़े झटके से सही सबक लेगी। इसके बजाय, वह समुदायों को विभाजित करने और भय और शत्रुता फैलाने की अपनी नीति पर कायम है।” सोनिया गांधी ने उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के मार्ग में दुकानदारों के नाम प्रदर्शित करने के शासनादेश से जुड़े विवाद का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए कहा कि सौभाग्य से उच्चतम न्यायालय ने सही समय पर हस्तक्षेप किया, लेकिन यह केवल एक अस्थायी राहत हो सकती है।



