Total Users- 1,165,859

spot_img

Total Users- 1,165,859

Tuesday, March 3, 2026
spot_img

महाशिवरात्रि पर महाकुंभ का भव्य समापन: श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा

प्रयागराज में बुधवार, 26 फरवरी को महाकुंभ 2025 का अंतिम दिन है। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर संगम में अंतिम स्नान के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है। सुबह 6 बजे तक 41.11 लाख श्रद्धालु संगम में पवित्र डुबकी लगा चुके थे, जबकि सुबह 8 बजे तक यह संख्या बढ़कर 60.12 लाख हो गई।

अब तक 65 करोड़ श्रद्धालुओं ने किया स्नान

13 जनवरी से शुरू हुए महाकुंभ में अब तक 65 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। महाशिवरात्रि के दिन तीन करोड़ लोगों के संगम में पहुंचने का अनुमान है। मेला क्षेत्र में सुरक्षा और यातायात की विशेष व्यवस्था की गई है।

पर्व स्नान पर श्रद्धालुओं की संख्या

महाकुंभ में विभिन्न पावन अवसरों पर करोड़ों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया:

  • पौष पूर्णिमा (13 जनवरी) – 1.70 करोड़ श्रद्धालु
  • मकर संक्रांति (14 जनवरी) – 3.50 करोड़ श्रद्धालु
  • मौनी अमावस्या (29 जनवरी) – 7.64 करोड़ श्रद्धालु (सबसे अधिक)
  • बसंत पंचमी (3 फरवरी) – 2.57 करोड़ श्रद्धालु
  • माघ पूर्णिमा (12 फरवरी) – 2 करोड़ श्रद्धालु
  • महाशिवरात्रि (26 फरवरी) – 3 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना

श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा, मेले का समापन

महाकुंभ के अंतिम स्नान के दौरान श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की जा रही है। प्रयागराज में सभी मार्गों पर कड़ी सुरक्षा और यातायात नियंत्रण लागू किया गया है। पुलिस और प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से शांतिपूर्वक स्नान करने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर रहे निगरानी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर स्थित नियंत्रण कक्ष से मेले की व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।

कड़ी सुरक्षा और नया ट्रैफिक प्लान लागू

महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रयागराज को नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है। संगम जाने वाले सभी मार्गों पर ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है, जिसके तहत:

  • दक्षिणी झूसी से आने वाले श्रद्धालु ऐरावत घाट पर स्नान करें।
  • उत्तरी झूसी से आने वाले श्रद्धालु हरिशचंद्र घाट और ओल्ड जीटी घाट पर जाएं।
  • परेड क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालु भरद्वाज घाट, नागवासुकी घाट, मोरी घाट, काली घाट, रामघाट और हनुमान घाट पर स्नान करें।
  • अरैल क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालु अरैल घाट पर स्नान करें।

महत्वपूर्ण सेवाओं जैसे दूध, सब्जी, दवाईयां, पेट्रोल-डीजल, एम्बुलेंस और सरकारी कर्मचारियों के वाहनों को विशेष अनुमति दी गई है।

रेलवे और हवाई यातायात की विशेष व्यवस्था

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने महाकुंभ के दौरान 3,000 से अधिक विशेष ट्रेनें चलाईं, जो अब तक 13,000 से अधिक फेरे लगा चुकी हैं। इसके अलावा, हर हफ्ते प्रयागराज से 300 फ्लाइट्स संचालित हुईं, जिसमें स्पाइसजेट, एयर इंडिया, इंडिगो और चार्टर्ड फ्लाइट्स शामिल हैं। अब तक 600 से अधिक चार्टर्ड प्लेन प्रयागराज एयरपोर्ट पर उतर चुके हैं।

हर रोज 4,000 से अधिक नावें श्रद्धालुओं को संगम तक पहुंचाने के लिए चलाई गईं। इस भव्य आयोजन से प्रयागराज देश के शीर्ष 20 हवाई अड्डों में शामिल हो गया है।

महाकुंभ 2025 का भव्य समापन

45 दिनों तक चले इस महापर्व का समापन महाशिवरात्रि के पावन दिन हो रहा है। भक्तों के लिए यह एक अद्भुत आध्यात्मिक यात्रा रही, जिसमें करोड़ों श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया।

More Topics

इंडिया स्किल 2025-26 में छत्तीसगढ़ को मिली ऐतिहासिक सफलता

-छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों ने ईस्ट ज़ोन प्रतियोगिता में जीते...

सोनिया गांधी ने पीएम मोदी के विदेश नीति पर उठाए सवाल,चुप क्यों है सरकार

राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा कि सुरक्षा चिंताएँ वास्तविक...

रूखे बालों में आ जाएगी जान, एलोवेरा के इस आसान नुस्खे से बनाएं नेचुरल कंडीशनर

प्रदूषण, केमिकल युक्त हेयर प्रोडक्ट्स और गलत हेयर केयर...

होली के मौके पर ठंडी-ठंडी ठंडाई घर पर ही बनाएं

होली में रंग खेलने के बाद जब गला सूख...

 90 वर्षीय चाका बाई पुनः सुन सकती है जीवन की मधुर ध्वनि

-मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में श्रवणदोष से पीड़ित चाका बाई...

इसे भी पढ़े