राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा कि सुरक्षा चिंताएँ वास्तविक हो सकती हैं, लेकिन संप्रभुता का उल्लंघन करने वाले हमले संकट को और गहरा करते हैं। उन्होंने अमेरिका-इज़राइल के ईरान पर हमलों और ईरान द्वारा अन्य मध्य-पूर्वी देशों पर किए गए हमलों की निंदा की। उनका कहना था, “हिंसा से हिंसा ही जन्म लेती है। संवाद और संयम ही शांति का एकमात्र रास्ता है।”
ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या और पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात को लेकर कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। दोनों ने कहा है कि यह समय चुप्पी का नहीं, बल्कि स्पष्ट और नैतिक रुख अपनाने का है। हम आपको बता दें कि सोनिया गांधी ने एक अंग्रेजी समाचार पत्र में लिखे आलेख के माध्यम से और राहुल गांधी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मोदी सरकार की विदेश नीति पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं।
सोनिया गांधी के आलेख का जिक्र करें तो आपको बता दें कि उन्होंने लिखा है कि 1 मार्च को ईरान ने पुष्टि की कि उसके सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई की अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए लक्षित हमलों में हत्या कर दी गई। किसी संप्रभु राष्ट्र के वर्तमान प्रमुख की, वह भी चल रही कूटनीतिक वार्ताओं के बीच, इस प्रकार हत्या अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए गंभीर झटका है।


