ममता बनर्जी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों पर निशाना साधा है। बुधवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर में विभिन्न विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के बाद आयोजित जनसभा में उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के वैध मतदाताओं के नाम हटाने के लिए एक बड़ी साजिश रची जा रही है।
1.2 करोड़ नामों पर संकट का आरोप
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान “तार्किक विसंगतियों” का हवाला देकर बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने आशंका जताई कि कुल मिलाकर 1.2 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश की जा रही है।
ममता बनर्जी के अनुसार, SIR के पहले चरण के बाद 58 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 14 फरवरी तक कम से कम 20 लाख और वास्तविक मतदाताओं को चुपचाप सूची से बाहर कर दिया गया। उनके मुताबिक, 80 लाख नाम हटाने की कोशिश की जा रही है और पूरक सूचियों के माध्यम से अतिरिक्त 40 लाख नाम हटाने की योजना बनाई जा रही है।
राजनीतिक माहौल गरमाया
मतदाता सूची में संभावित बड़े पैमाने पर बदलाव को लेकर राज्य की सियासत तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाया है और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताया है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी पार्टी वैध मतदाताओं के नाम हटाए जाने के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करार देते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की।
राज्य में आगामी चुनावों को देखते हुए मतदाता सूची के शुद्धिकरण को लेकर पहले से ही राजनीतिक माहौल गर्म है। इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।


