सरकार के वरिष्ठ सूत्रों ने नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनके बयान को बचकाना करार दिया है। राहुल ने मंगलवार को संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी से डोनाल्ड ट्रंप को भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर संबंधित उनके दावे के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति को झूठा कहने के लिए कहा था। राहुल ने कहा था कि यदि ट्रंप ने सीजफायर के लिए नहीं कहा तो पीएम मोदी संसद में ट्रंप को झूठा कह दें।
सरकार के एक टॉप सत्र ने कहा, ”राहुल गांधी का यह कहना कि पीएम मोदी ट्रंप को सदन में झूठा कहें, यह बचकाना है। पीएम मोदी पहले ही सदन में स्पष्ट कर चुके हैं कि दुनिया के किसी भी नेता ने भारत से युद्ध रोकने के लिए नहीं कहा था।” सरकारी सूत्रों ने यह भी बताया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर भी सदन में साफ कर चुके हैं कि ट्रंप और मोदी के बीच सीजफायर को लेकर कोई भी बातचीत नहीं हुई। सूत्रों ने कहा कि भारत और अमेरिका लंबे समय से स्ट्रैटेजिक पार्टनर हैं और यह सिर्फ व्यापार पर बातचीत से भी आगे बढ़कर है।
सूत्र ने विदेश नीति के मामले में कांग्रेस से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले सत्ता में रह चुकी है और उसे पता है कि कैसे सरकारें काम करती हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यस्थता संबंधी दावा करने के संदर्भ में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम नहीं लिया क्योंकि उन्हें पता है कि अगर वह ऐसा करेंगे तो ट्रंप सारी सच्चाई सामने रख देंगे। उन्होंने संसद परिसर में संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि सबको मालूम है कि क्या हुआ है।


