Total Users- 1,178,771

spot_img

Total Users- 1,178,771

Monday, March 23, 2026
spot_img

चुनाव हारकर अदालत नहीं जाएं उम्मीदवार: सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने जन सूरज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की याचिका पर सुनवाई करते हुए तीखी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि चुनाव हारने के बाद उम्मीदवारों को न्यायपालिका का सहारा लेकर लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। बेंच ने स्पष्ट कहा कि मतदाताओं द्वारा नकारे गए प्रत्याशी अदालतों का मंच प्रचार के लिए इस्तेमाल न करें।

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से जुड़ी याचिका पर सुनवाई कर रही थी। किशोर ने आरोप लगाया था कि मतदान से ठीक पहले “मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना” के तहत लाभार्थियों के खातों में धनराशि ट्रांसफर की गई, जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हुए।

चुनाव आयोग द्वारा याचिका पर सुनवाई से इनकार किए जाने के बाद किशोर ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। याचिका में आरोप है कि चुनाव तिथियां घोषित होने के बाद योजना में अतिरिक्त लाभार्थियों को जोड़ा गया और 10,000 रुपये के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण की घोषणा की गई, जो मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश थी।

पार्टी ने यह भी दावा किया कि इस योजना के लिए विधायी स्वीकृति नहीं ली गई और खर्च बिहार की आकस्मिक निधि से किया गया, जो संविधान के अनुच्छेद 267 का उल्लंघन है। याचिका में कहा गया कि यह योजना नियमित बजटीय प्रावधान का हिस्सा नहीं थी, बल्कि कैबिनेट के फैसले से चुनाव की पूर्व संध्या पर लागू की गई।

उधर, बिहार विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ एनडीए ने 243 में से 202 सीटें जीतकर तीन-चौथाई बहुमत हासिल किया। इससे पहले 2010 में एनडीए ने 206 सीटें जीती थीं।मामले पर अगली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट आगे की दिशा तय करेगा।

More Topics

नवरात्रि व्रत में भी खा सकते है समा चावल का हेल्दी और स्वादिष्ट उपमा

नवरात्रि व्रत में साबूदाना और कुट्टू से हटकर कुछ...

इसे भी पढ़े