नई दिल्ली । महाराष्ट्र के राज्यपाल और एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन ने दिल्ली पहुँचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इससे पहले दिल्ली हवाई अड्डे पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, प्रह्लाद जोशी, भूपेंद्र यादव, किंजरापु राम मोहन नायडू, दिल्ली भाजपा की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित कई नेताओं ने उनका स्वागत किया।
भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने रविवार को सी.पी. राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया था। पार्टी संसदीय बोर्ड ने सहयोगी दलों और विपक्ष से चर्चा के बाद सर्वसम्मति से यह फैसला लिया, ताकि चुनाव सुचारू रूप से संपन्न हो सके। उपराष्ट्रपति पद का चुनाव 9 सितंबर को होना है।
राधाकृष्णन का राजनीतिक सफर
सी.पी. राधाकृष्णन फिलहाल 31 जुलाई 2024 से महाराष्ट्र के 24वें राज्यपाल हैं। इससे पहले वे फरवरी 2023 से जुलाई 2024 तक झारखंड के राज्यपाल रहे। उन्होंने मार्च से जुलाई 2024 के बीच तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला।
भाजपा के वरिष्ठ नेता राधाकृष्णन तमिलनाडु के कोयंबटूर से दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के रूप में भी काम कर चुके हैं।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
कांग्रेस ने उनकी उम्मीदवारी की आलोचना करते हुए उन्हें “एक और आरएसएस का आदमी” बताया है। वहीं एनडीए की ओर से नीतीश कुमार से लेकर नायडू तक ने उनके समर्थन की घोषणा की है।
चुनाव प्रक्रिया
उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पाँच वर्षों का होता है। यह पद 21 जुलाई को रिक्त हुआ था, जब जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर इस्तीफ़ा दे दिया था।
उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित एवं मनोनीत सदस्यों द्वारा किया जाता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 66(1) के अनुसार यह चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली और एकल संक्रमणीय मत के आधार पर, गुप्त मतदान के जरिए संपन्न होता है। चुनाव आयोग राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम, 1952 के तहत चुनाव की अधिसूचना जारी करता है।


