पाकिस्तान की आर्थिक तंगी के बीच शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को 28 महीनों से वेतन नहीं मिला है। इससे नाराज ये कर्मचारी सड़कों पर उतर आए हैं और अपनी सैलरी की मांग को लेकर जोरदार विरोध जता रहे हैं। हैदराबाद के शिक्षा विभाग में निम्न श्रेणी के कर्मचारियों ने 14वें दिन भी हैदराबाद प्रेस क्लब के बाहर अपना धरना जारी रखा। वे करीब 28 महीनों से अटके हुए वेतन के भुगतान की मांग कर रहे हैं। हताश और आर्थिक दबाव में जी रहे इन प्रदर्शनकारियों ने न्याय और समयबद्ध सैलरी सुनिश्चित करने के लिए नारे लगाते हुए भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, शिक्षा विभाग ने 2021 में निचले पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी, जिसके तहत उन्हें 2023 में नियुक्ति मिली। सभी कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताओं को पूरा करने के बावजूद, कई स्कूलों में कार्यरत 669 कर्मचारियों को अभी तक एक पैसा भी वेतन नहीं मिला है, जिससे वे गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं।
विरोध का नेतृत्व कर रहे गुलाब रैंड, असद मल और सैयद मोअज्जम अली शाह ने बताया कि सरकार की खामोशी ने मजदूरों को और परेशान कर दिया है। कई परिवार बुनियादी जरूरतें पूरी करने, किराया चुकाने या बच्चों का पालन-पोषण करने में असमर्थ हो चुके हैं। नेताओं ने चेतावनी दी है कि सिंध सरकार द्वारा सभी बकाया भुगतान न होने तक यह आंदोलन थमेगा नहीं।


