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Sunday, February 8, 2026
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कम उम्र में हाई बीपी क्यों हो रहा है ये 5 आदतें हैं जिम्मेदार, डॉक्टर से जानें कारण

अगर कम उम्र में हाई बीपी की शिकायत हो रही है तो इसे नजरअंदाज न करें. डॉक्टर से जांच कराएं और लाइफस्टाइल में बदलाव लाकर इसे कंट्रोल करें. समय पर जागरूकता ही हार्ट से जुड़ी बड़ी बीमारियों से बचा सकती है.
हाई ब्लड प्रेशर यानी हाई बीपी को अक्सर उम्र बढ़ने की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब यह तेजी से युवाओं को भी प्रभावित कर रहा है. 25-35 साल की उम्र के लोगों में हाई बीपी के केस बढ़ना स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बन गया है. डॉक्टरों के मुताबिक इसकी बड़ी वजह है आज की बदलती जीवनशैली और कुछ बुरी आदतें, जो हम रोज़मर्रा में अनजाने में कर रहे हैं.

ब्लड प्रेशर यानी रक्तचाप हमारे शरीर में खून के बहाव का वह दबाव है, जो दिल से निकलकर धमनियों के जरिए शरीर के बाकी हिस्सों में पहुंचता है. जब यह दबाव सामान्य से ज्यादा हो जाता है, तो इसे हाई ब्लड प्रेशर (High BP या Hypertension) कहा जाता है. यह एक “साइलेंट किलर” है, क्योंकि इसके लक्षण शुरुआत में ज़्यादा साफ़ नहीं दिखते, लेकिन धीरे-धीरे यह दिल, किडनी, मस्तिष्क और आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है.

अगर समय रहते हाई बीपी को कंट्रोल न किया जाए तो यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी फेलियर और आंखों की रोशनी तक को प्रभावित कर सकता है. ब्लड प्रेशर बढ़ने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं — कुछ शारीरिक, कुछ मानसिक और कुछ जीवनशैली से जुड़ी आदतें. आइए जानते हैं हाई BP क्यों होता है:

बहुत ज्यादा नमक खाना

हमारे रोज़ के खाने में छुपा हुआ नमक (hidden salt) हाई बीपी का बड़ा कारण है. प्रोसेस्ड फूड, चिप्स, नमकीन, रेडी-टू-ईट आइटम और बाहर का खाना इन सबमें सोडियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. ज्यादा नमक शरीर में पानी रोकता है, जिससे रक्त प्रवाह पर दबाव बढ़ता है और बीपी ऊपर चला जाता है.

बैठकर रहने की आदत (बैठे-बैठे घंटों काम करना)

लंबे समय तक बिना हिले-डुले बैठे रहना यानी सेडेंटरी लाइफस्टाइल युवाओं में हाई बीपी की सबसे आम वजह बन गया है. ऑफिस वर्क, स्क्रीन टाइम और एक्सरसाइज की कमी से ब्लड फ्लो सही नहीं रहता और धमनियों पर दबाव बढ़ता है.

नींद पूरी न होना और स्ट्रेस में रहना

नींद की कमी और मानसिक तनाव (chronic stress) सीधे ब्लड प्रेशर को बढ़ाने वाले फैक्टर हैं. जब नींद नहीं होती या दिमाग लगातार तनाव में रहता है, तो शरीर में कोर्टिसोल जैसे हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जो हृदय गति और बीपी को ऊपर ले जाता है.

जंक फूड और कैफीन का ज्यादा सेवन

बर्गर, पिज़्ज़ा, कोल्ड ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स और लगातार चाय-कॉफी पीने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है. ये चीज़ें न केवल वजन बढ़ाती हैं, बल्कि शरीर में नमक और कैफीन का स्तर बढ़ाकर बीपी को प्रभावित करती हैं.

स्मोकिंग और अल्कोहल की लत

कम उम्र में सिगरेट या शराब पीने की आदत बहुत से युवाओं में हाई बीपी का कारण बन रही है. निकोटिन Blood Vessels को सिकोड़ देता है और रक्तचाप तेजी से ऊपर जाने लगता है. अल्कोहल भी दिल की धड़कन को असामान्य बनाता है और बीपी को अनस्टेबल करता है.

क्या करें बचाव के लिए?

रोज़ कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज़ या वॉक करें

नमक और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं

रात की नींद पूरी लें (कम से कम 7-8 घंटे)

स्ट्रेस मैनेज करने के लिए मेडिटेशन, योग अपनाएं

रेगुलर बीपी चेक कराते रहें, भले ही कोई लक्षण न हो

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