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Saturday, February 28, 2026
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भारत की पहली मलेरिया वैक्सीन, कैसे करेगी काम, मलेरिया कितना बड़ा खतरा

अब वक्त है मलेरिया से जंग जीतने का. भारत का अपना वैक्सीन AdFalciVax मलेरिया को रोकने और फैलने से बचाने के लिए तैयार है. इसके बारे में जानकारी फैलाएं, लोगों को जागरूक करें और मलेरिया‑मुक्त भारत की तरफ मिलकर कदम बढ़ाएं.
 भारत में मलेरिया एक पुरानी और गंभीर बीमारी रही है, जो हर साल लाखों लोगों को प्रभावित करती है. खासकर बारिश के मौसम में जब मच्छरों की तादाद बढ़ जाती है, तब ये बीमारी और भी फैलने लगती है. लेकिन अब भारत ने मलेरिया के खिलाफ एक बड़ी जीत की तरफ कदम बढ़ाया है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने देश का पहला देसी मलेरिया वैक्सीन तैयार किया है जिसे AdFalciVax नाम दिया गया है. यह वैक्सीन खास तौर पर Plasmodium falciparum नाम के मलेरिया पर असर करता है जो सबसे ज़्यादा जानलेवा माने जाने वाले मलेरिया संक्रमणों में से एक है.

एक ऐसा वैक्सीन है, जो मलेरिया के संक्रमण को शरीर में प्रवेश करने से पहले ही रोक देता है. इसके अलावा ये वैक्सीन इस बात का भी ध्यान रखता है कि अगर किसी को मलेरिया हो गया हो, तो वो वायरस या परजीवी (parasite) शरीर से बाहर निकलकर किसी और को न फैले. यानी ये न सिर्फ शरीर को सुरक्षित करता है, बल्कि मलेरिया के ट्रांसमिशन को भी रोकता है. इसे इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि यह शरीर में एक तरह की इम्यूनिटी पैदा करे जो मलेरिया को दोबारा शरीर में प्रवेश नहीं करने देती.

वैक्सीन की खास बातें

ये पूरी तरह से भारत में बनाया गया है, यानी ये एक “Make in India” पहल का हिस्सा है. इसका मतलब है कि अब भारत मलेरिया की वैक्सीन के लिए विदेशी देशों पर निर्भर नहीं रहेगा और अपने देश में ही इसकी बड़ी मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित कर पाएगा. AdFalciVax वैक्सीन से यह उम्मीद की जा रही है कि यह भारत में मलेरिया की रोकथाम और उसके उन्मूलन (elimination) में मददगार साबित होगा. अगर यह बड़े पैमाने पर सफल रहा, तो यह वैश्विक स्तर पर भी भारत की एक अहम वैज्ञानिक उपलब्धि मानी जाएगी.

वैक्सीन का ट्रायल और भविष्य की योजना

फिलहाल इस वैक्सीन की प्री-क्लिनिकल स्टेज की टेस्टिंग पूरी हो चुकी है और इसमें सकारात्मक नतीजे मिले हैं. अब इसे इंसानों पर ट्रायल के लिए क्लिनिकल स्टेज में ले जाया जा रहा है. यह स्टेज करीब दो साल तक चलेगी. अगर इसमें भी सफलता मिलती है, तो यह वैक्सीन पूरे देश में मलेरिया को खत्म करने की दिशा में एक अहम हथियार बन सकती है. ICMR और अन्य स्वास्थ्य संस्थान इस पर लगातार काम कर रहे हैं ताकि इसे जल्द से जल्द लोगों तक पहुंचाया जा सके.

मलेरिया क्यों है अभी भी बड़ा खतरा?

महामारी विशेषज्ञ डॉ जुगल किशोर बताते हैं किभारत के कई हिस्सों, खासकर ग्रामीण और जनजातीय इलाकों में, मलेरिया आज भी एक आम लेकिन खतरनाक बीमारी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार- भारत में मलेरिया के मामलों में भले ही पिछले कुछ सालों में कमी आई है, लेकिन अब भी हजारों मौतें हर साल इसके कारण होती हैं. Plasmodium falciparum टाइप मलेरिया सबसे गंभीर होता है, क्योंकि यह रक्त कोशिकाओं और अंगों को तेजी से नुकसान पहुंचा सकता है. यही वजह है कि इस खास प्रकार के मलेरिया के लिए वैक्सीन का बनना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.

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