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Sunday, February 8, 2026
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थायरॉइड के मरीजों को क्या खाना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए? जानिए एक्सपर्ट की राय

अगर आप या आपके परिवार में कोई थायरॉइड से जूझ रहा है, तो आज से ही डाइट में बदलाव करना शुरू करें. एक छोटा बदलाव आपको बड़ी राहत दे सकता है. हेल्दी डाइट से आप अपनी दवाओं का असर और बेहतर बना सकते हैं.


थायरॉइड एक बेहद जरूरी ग्रंथि (gland) है, जो हमारे गले के सामने वाले हिस्से में होती है और इसका आकार तितली जैसा होता है. यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करती है. यानी हमारे शरीर में एनर्जी कैसे बनेगी और कैसे खर्च होगी, ये थायरॉइड तय करता है. जब ये ग्रंथि सही तरीके से काम नहीं करती तो शरीर में हार्मोनल असंतुलन हो जाता है. इससे वजन बढ़ना, थकान, बाल झड़ना, मूड स्विंग्स और पीरियड्स की अनियमितता जैसे लक्षण सामने आने लगते हैं.

थायरॉइड दो तरह का होता है हाइपोथायरॉइडिज्म (Hypothyroidism), जिसमें हार्मोन कम बनता है और शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है. दूसरा हाइपरथायरॉइडिज्म (Hyperthyroidism), जिसमें हार्मोन ज्यादा बनता है और मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है. दोनों ही स्थितियों में खानपान का सही होना बहुत जरूरी होता है. इसीलिए आयोडीन, सेलेनियम, जिंक और विटामिन से भरपूर फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करें और गॉयट्रोजेनिक और प्रोसेस्ड फूड्स से दूरी बनाएं. साथ ही डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा और रूटीन फॉलो करते रहें.

  • थायरॉइड के मरीजों को क्या खाना चाहिए?

थायरॉइड को हेल्दी बनाए रखने के लिए आयोडीन, सेलेनियम, जिंक, और विटामिन B12 जैसे पोषक तत्व जरूरी होते हैं. सबसे पहले बात करें आयोडीन की- तो यह थायरॉइड हार्मोन बनाने के लिए सबसे जरूरी मिनरल है. आयोडीन की कमी से हाइपोथायरॉइड हो सकता है. इसके लिए आप आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करें. साथ ही समुद्री भोजन जैसे मछली, झींगे आदि आयोडीन के अच्छे स्रोत हैं. सेलेनियम एक ऐसा मिनरल है जो थायरॉइड को डैमेज से बचाता है. यह अखरोट (खासकर ब्राजील नट्स), अंडे, साबुत अनाज और सूरजमुखी के बीजों में पाया जाता है.

जिंक भी थायरॉइड हार्मोन के उत्पादन में मदद करता है. इसके लिए दूध, दही, कद्दू के बीज और दालों का सेवन फायदेमंद होता है. विटामिन B12 की कमी से भी थकान और कमजोरी महसूस होती है. इसलिए थायरॉइड के मरीजों को दूध, अंडे और फोर्टिफाइड अनाज खाने की सलाह दी जाती है. थायरॉइड के मरीजों को प्रोटीन युक्त आहार जैसे दालें, पनीर, सोया, अंडा और चिकन भी खाना चाहिए. इससे शरीर की मांसपेशियां मजबूत रहती हैं और मेटाबॉलिज्म संतुलित रहता है. साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और फाइबर युक्त आहार लें जिससे पाचन सही रहे.

  • थायरॉइड के मरीजों को किन चीजों से परहेज करना चाहिए?

कुछ फूड्स ऐसे होते हैं जो थायरॉइड के काम में बाधा डालते हैं, इन्हें गॉयट्रोजेन्स (Goitrogens) कहा जाता है. यह खासकर हाइपोथायरॉइडिज्म वालों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. इनमें ब्रोकोली, फूलगोभी, पत्ता गोभी, मूली और शलजम जैसी सब्जियां शामिल हैं. इन्हें कच्चा खाने से बचें. हां, अच्छी तरह पका कर सीमित मात्रा में खा सकते हैं.

सोया और सोया प्रोडक्ट्स भी कुछ मामलों में थायरॉइड दवा के असर को कम कर सकते हैं, इसलिए इनका सेवन सीमित मात्रा में करें और डॉक्टर की सलाह लें. अत्यधिक शुगर और प्रोसेस्ड फूड खाने से भी बचना चाहिए क्योंकि ये वजन बढ़ा सकते हैं और शरीर में सूजन (inflammation) को बढ़ाते हैं. कैफीन (जैसे चाय, कॉफी) और एल्कोहल का सेवन कम करना चाहिए क्योंकि ये नींद और हार्मोन संतुलन को प्रभावित करते हैं.

  • डॉक्टर की सलाह अनुसार दवा और रूटीन फॉलो करें

थायरॉइड का इलाज सिर्फ दवाइयों से नहीं, बल्कि सही खानपान से भी जुड़ा होता है. इसलिए थायरॉइड से जूझ रहे लोगों को संतुलित डाइट लेनी चाहिए, जिससे उनका मेटाबॉलिज्म सही तरीके से काम करता रहे. आयोडीन, सेलेनियम, जिंक और विटामिन से भरपूर फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करें और गॉयट्रोजेनिक और प्रोसेस्ड फूड्स से दूरी बनाएं. साथ ही, डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा और रूटीन फॉलो करते रहें.

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