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Sunday, February 8, 2026
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गले में अक्सर चुभन या जलन क्यों होती है? ये पेट की इस बीमारी के हो सकते हैं लक्षण

क्या आपको भी बार-बार गले में जलन या खट्टी डकारें आती हैं? इसे नज़रअंदाज़ करना बंद करें—ये सिर्फ गैस नहीं, अंदरूनी गड़बड़ी का संकेत हो सकता है. आज ही खानपान सुधारे और जरूरत लगे तो एक्सपर्ट से सलाह लें.
 गले में बार-बार जलन, चुभन या खट्टी डकारें आना एक सामान्य समस्या लग सकती है, लेकिन यह शरीर में चल रही एक गंभीर प्रक्रिया का संकेत हो सकता है, जिसे मेडिकल भाषा में एसिड रिफ्लक्स (Acid Reflux) कहा जाता है. यह तब होता है जब पेट में बना एसिड वापस खाने की नली (इसोफेगस) की तरफ ऊपर की ओर चला जाता है. इससे गले में जलन, खट्टा स्वाद और कभी-कभी सीने में जलन जैसी समस्याएं होती हैं.

एसिड रिफ्लक्स एक आम पाचन समस्या है, जिसमें पेट में बनने वाला एसिड खाने की नली (esophagus) की ओर ऊपर चढ़ जाता है. सामान्य रूप से, हमारे पेट और इसोफेगस के बीच एक वाल्व होता है जिसे लोअर इसोफेगल स्फिंक्टर (LES) कहा जाता है. यह वाल्व तभी खुलता है जब खाना पेट में जाना होता है और फिर बंद हो जाता है. लेकिन जब यह वाल्व कमजोर हो जाता है या पूरी तरह से बंद नहीं होता, तो पेट का एसिड ऊपर की ओर लौटने लगता है, जिससे एसिड रिफ्लक्स की स्थिति बनती है.

अनियमित खानपान

मैक्स अस्पताल में डॉ रोहित कपूर बताते हैं किएसिड रिफ्लक्स आज के दौर में बेहद आम हो गया है, खासकर उन लोगों में जो अनियमित खानपान, देर रात खाना और बैठे-बैठे काम करने की आदतों में फंसे हैं. अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है तो यह गैस्ट्रो इसोफेगल रिफ्लक्स डिज़ीज़ (GERD) में बदल सकती है, जो एक क्रॉनिक कंडीशन है और इससे इसोफेगस की अंदरूनी सतह को नुकसान हो सकता है.

भारी और तला-भुना भोजन

इसकी सबसे आम वजहें हैं—भारी और तला-भुना भोजन, खाने के तुरंत बाद लेटना, बहुत ज़्यादा चाय-कॉफी पीना, धूम्रपान, मोटापा और अत्यधिक स्ट्रेस. प्रेग्नेंसी में भी हार्मोनल बदलावों के कारण यह समस्या सामने आ सकती है. कई बार यह समस्या पूरी नींद को प्रभावित कर देती है और दिनभर के काम पर असर डालती है.

इससे बचने के लिए सबसे जरूरी है

खानपान में सुधार. खाना हल्का खाएं, समय पर खाएं और खाने के बाद कम से कम दो घंटे तक लेटने से बचें. तली-भुनी चीजें, मसालेदार खाना, और कैफीन वाली चीजें कम करें. दिन में थोड़ी देर टहलना, योग और व्यायाम से पाचन बेहतर रहता है और एसिड रिफ्लक्स की संभावना कम होती है.

अगर लक्षण हफ्तों तक लगातार बने रहें, निगलने में परेशानी हो, गले में कुछ अटका हुआ महसूस हो या खून की उल्टी जैसा कोई गंभीर लक्षण दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. बिना इलाज के छोड़ा गया एसिड रिफ्लक्स इसोफेगस कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है.

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