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Monday, February 9, 2026
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कुछ आयुर्वेदिक चाय माइग्रेन को जड़ से खत्म कर सकती है, बिना Side Effect के

माइग्रेन एक ऐसा सिरदर्द है जो आधे सिर को बुरी तरह से जकड़ लेता है। यह आम सिरदर्द से अलग होता है और इसमें सिरदर्द के अलावा कई अन्य परेशानियां भी होती हैं। जैसे कि मतली, उल्टी, तेज़ रोशनी से परेशानी और तेज या धीमी आवाज़ों से भी दिक्कत। कई बार ऐसा होता है कि बिना दवाई खाए इस दर्द से राहत नहीं मिलती है। यह दर्द कुछ मिनटों से लेकर दिनों तक हो सकता है लेकिन माइग्रेन के दर्द में दवाइयों का ज्यादा सेवन सेहत को कई तरह के साइड इफेक्ट्स भी दे सकता है इसलिए, यदि आप बिना दवाइयों के माइग्रेन के दर्द से राहत पाना चाहते हैं, तो आयुर्वेदिक उपाय आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं। इन आयुर्वेदिक उपायों का शरीर पर किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट भी नहीं मिलता। इनमें से एक प्रभावी उपाय है नीम और आंवला की चाय। इस लेख में हम जानेंगे कि कैसे यह चाय माइग्रेन के दर्द को कम करने में मदद कर सकती है और इसे बनाने का तरीका क्या है।

माइग्रेन में नीम और आंवला की चाय कैसे फायदेमंद है?
नीम के फायदे
नीम में एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन को कम करने वाले) गुण होते हैं, जो सिरदर्द को कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा, नीम शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करता है, जिससे शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकलते हैं और माइग्रेन के दर्द में राहत मिलती है।

आंवला के फायदे
आंवला में विटामिन सी की भरपूर मात्रा होती है, जो दिमाग को शांत करने और इम्यूनिटी बूस्ट करने में मदद करता है। यह न केवल सिरदर्द को कम करता है, बल्कि पूरे शरीर को ताजगी भी प्रदान करता है।

नीम और आंवला की चाय बनाने की विधि
सामग्री
2-3 नीम की पत्तियां
1 कद्दूकस किया हुआ आंवला
1 इंच अदरक (कद्दूकस किया हुआ)
1 चुटकी हल्दी
1 गिलास पानी

विधि: यदि आप माइग्रेन के दर्द से राहत पाना चाहते हैं, तो आप यह चाय अपने घर पर आसानी से बना सकते हैं सबसे पहले एक पैन में 1 गिलास पानी डालकर उसे उबालने के लिए रखें। जब पानी उबालने लगे, तब इसमें नीम की पत्तियां, कद्दूकस किया हुआ आंवला, अदरक और हल्दी डालें। अब इस मिश्रण को धीमी आंच पर 10 मिनट तक उबलने दें। इससे सभी तत्व पानी में अच्छे से घुल जाएंगे और चाय का स्वाद भी बढ़ जाएगा। 10 मिनट बाद चाय को छान लें और हल्का गर्म होने पर इसे सिप-सिप करके पिएं।

इस चाय के सेवन के फायदे
सिरदर्द में राहत: नीम और आंवला के गुण सिरदर्द को कम करने में मदद करते हैं, जिससे माइग्रेन के दर्द में राहत मिलती है।
इम्यूनिटी बूस्ट: आंवला में मौजूद विटामिन C से शरीर की रोग प्रतिकारक क्षमता में सुधार होता है, जिससे शरीर को ताजगी मिलती है।
सामान्य स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद: यह चाय डिटॉक्सिफाइंग होती है, जिससे शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकलते हैं और आपके समग्र स्वास्थ्य को फायदा होता है।
पाचन में सहायता: अदरक और हल्दी पाचन क्रिया को सुधारने में मदद करते हैं, जिससे पेट की समस्याएं भी कम होती हैं।

नोट : यह लेख सिर्फ जानकारी देने के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए कृपया अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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