दीपावली से ठीक एक दिन पहले मनाया जाने वाला धनतेरस हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और पवित्र त्योहारों में से एक है, जो धन की समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिन माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए कई परंपरागत और धार्मिक रस्में निभाई जाती हैं। इन्हीं रस्मों में से एक है धनतेरस के दिन धनिया खरीदना।
माना जाता है कि धनिया (साबुत बीज) केवल रसोई की खुशबू ही नहीं बढ़ाता, बल्कि इसे खरीदकर घर में रखने और पूजा में इस्तेमाल करने से घर में खुशहाली और संपत्ति की वृद्धि होती है।
क्यों खास है धनतेरस पर धनिया खरीदना?
1. धन और समृद्धि का प्रतीक
- लक्ष्मी का स्वरूप: धनिया को माँ लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। इसलिए इसे खरीदना और पूजा में उपयोग करना घर में समृद्धि को आकर्षित करने वाला कार्य माना गया है।
- स्थिरता: मान्यता है कि धनतेरस की शाम को सूखे धनिए के बीजों को पीसकर उसमें गुड़ मिलाया जाता है और यह मिश्रण माँ लक्ष्मी को नैवेद्य (भोग) रूप में अर्पित किया जाता है। ऐसा करने से घर में धन की हानि नहीं होती और आर्थिक स्थिरता बनी रहती है।
2. नई शुरुआत का संकेत
- ग्रामीण परंपरा: ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इस दिन धनिए के बीज खरीदते हैं ताकि नए सीजन की अच्छी शुरुआत हो और फसल अच्छी हो।
- शुभता का संचार: पूजन के बाद तैयार किया गया धनिए का प्रसाद सभी घरवालों को बांटा जाता है, जिससे शुभता और सौभाग्य का संचार होता है।
3. धार्मिक महत्व
- एक लोककथा के अनुसार, धनतेरस के दिन माँ लक्ष्मी और भगवान धनवंतरि की पूजा के दौरान यदि उनके चरणों में धनिया अर्पित किया जाए और सच्चे मन से प्रार्थना की जाए, तो व्यक्ति को मेहनत का पूरा फल मिलता है और जीवन में उन्नति के रास्ते खुलते हैं।
धनतेरस पर और क्या खरीदना होता है शुभ?
धनतेरस पर धनिया के अलावा कुछ और वस्तुएं खरीदना भी घर में समृद्धि लाने वाला माना जाता है:
- झाड़ू: यह घर की नकारात्मक ऊर्जा को हटाने का प्रतीक है।
- पीली कौड़ियां: इन्हें लक्ष्मीजी का स्वरूप माना जाता है। इन्हें पूजा के बाद तिजोरी या अलमारी में रखने से धन में वृद्धि होती है। (यदि सफेद कौड़ी मिले तो उसे हल्दी के घोल में पीला कर लें।)
- हल्दी की गांठ: गांठ वाली पीली या काली हल्दी धन और समृद्धि को बढ़ाने वाली मानी जाती है। इसे शुभ मुहूर्त में घर लाकर शुद्ध वस्त्र पर रखकर षोडशोपचार से पूजन करना चाहिए।


