Total Users- 1,173,712

spot_img

Total Users- 1,173,712

Tuesday, March 17, 2026
spot_img

बलिया के उदासीनाथ मठ में 300 साल पुरानी रामचरितमानस: भोजपत्र पर लिखी भारत की अद्भुत धरोहर

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में स्थित उदासीनाथ मठ में 300 साल पुरानी श्रीरामचरितमानस का एक अनोखा और अद्भुत संस्करण सुरक्षित है। यह रामचरितमानस भोजपत्र पर बिना किसी कागज के लिखी गई है, जो उस समय की तकनीक और लेखन शैली की एक बेजोड़ मिसाल है। इसे देखने देश-विदेश से लोग आते हैं, और यह भारतीय संस्कृति का एक अनमोल प्रतीक है।

भोजपत्र पर लिखी गई रामचरितमानस की कहानी

मठ के 12वें मठाधीश नित्यानंद दास के अनुसार, यह रामचरितमानस मठ के पांचवें मठाधीश ब्रह्मलीन शिवशंकर दास जी ने भोजपत्र पर लिखी थी। उस समय कागज का प्रचलन नहीं था, और भोजपत्र पर लेखन किया जाता था। इसे पत्तियों और दवात की सहायता से लिखा गया था।

हर पन्ना आज भी सुरक्षित

300 वर्षों के बाद भी इस रामचरितमानस के सभी पन्ने सुरक्षित हैं। इसमें लिखे गए दोहे, चौपाई और छंद बड़े अक्षरों में स्पष्ट रूप से पढ़े जा सकते हैं। यह बड़े अक्षरों में लिखने की उस समय की परंपरा का हिस्सा है। इसकी सुंदर लेखनी और संरचना आज भी लोगों को चमत्कृत करती है।

सुरक्षा की चुनौती

मठ के महंथ नित्यानंद दास ने इस ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “यह भारत का ऐतिहासिक दस्तावेज है, और हमारी कोशिश है कि इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित रखा जाए ताकि वे उस युग के लेखन और ज्ञान की परंपरा को समझ सकें।”

एक प्रेरणादायक विरासत

उदासीनाथ मठ में रखी यह रामचरितमानस न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि भारतीय संस्कृति, लेखन और ज्ञान की परंपरा का प्रतीक भी है। भोजपत्र पर लिखे इस दस्तावेज को देखकर आज भी लोग उस युग की सरलता, समर्पण और रचनात्मकता को महसूस कर सकते हैं।

यह धरोहर भारतीय इतिहास और संस्कृति का एक अनमोल हिस्सा है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

More Topics

जागरूक उपभोक्ता ही सशक्त समाज की पहचान

15 मार्च को विश्वभर में विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस...

मरीजों की सेहत से समझौता नहीं’ – स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

स्वास्थ्य मंत्री का मनेन्द्रगढ़ सिविल अस्पताल में औचक निरीक्षण रायपुर।...

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जगन्नाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित...

महतारी वंदन योजना से महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर

महिलाएं अपनी छोटी मोटी जरूरतों को कर रही पूरीरायपुर।...

इसे भी पढ़े