रमा एकादशी का व्रत अत्यंत पवित्र है। यह भगवान विष्णु को समर्पित है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रमा एकादशी कहते हैं। इस दिन भक्त भगवान विष्णु की विधिवत पूजा और व्रत करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि जो कोई भी इस दिन सच्ची श्रद्धा से पूजा और व्रत करता है, उसका जीवन सुखमय होता है।
इस वर्ष रमा एकादशी का व्रत 17 अक्टूबर को रखा जाएगा। रमा एकादशी पर भगवान विष्णु के व्रत और पूजा के साथ-साथ कुछ विशेष उपाय भी किए जाते हैं। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु के साथ देवी लक्ष्मी की पूजा करने और विशिष्ट स्थानों पर दीपक जलाने से समृद्धि की प्राप्ति होती है।
तुलसी के पास दीपक जलाएं:
हिंदू धर्म में तुलसी माता का विशेष महत्व है। तुलसी माता को देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। तुलसी में भी देवी लक्ष्मी का वास होता है। ऐसे में रमा एकादशी के दिन तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाना चाहिए। फिर तुलसी चालीसा का पाठ करना चाहिए। तुलसी के पौधे की सात बार परिक्रमा करनी चाहिए। ऐसा करने से धन-धान्य की प्राप्ति होती है।
रसोई में दीपक जलाएँ:
रमा एकादशी के दिन रसोई में भी दीपक जलाना चाहिए। ऐसा करने से घर में कभी भी अन्न-धन की कमी नहीं होती। परिवार में खुशहाली बनी रहती है।
मंदिर में दीपक जलाएँ:
इस दिन मंदिर में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के सामने अखंड घी का दीपक जलाना चाहिए। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और धन लाभ के द्वार खुलते हैं।
पीपल के पेड़ के पास दीपक जलाएँ:
कहा जाता है कि पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है। रमा एकादशी की शाम को पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक अवश्य जलाएँ। ऐसा करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और आर्थिक तंगी से भी मुक्ति मिलती है।


