इस बार सावन का महीना 9 अगस्त 2025 से समाप्त हो रहा है। सावन के आखिरी दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है। सावन के आखिरी दिन भी शिवालयों में शिव पूजन व जलाभिषेक के लिए शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। मान्यता है कि शिवलिंग पर कुछ चीजों को चढ़ाने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं, साथ ही साधक को मनवांछित फल भी मिलता है। जानें सावन के आखिरी दिन शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चाहिए।
शिवलिंग पर अर्पित करें ये 12 चीजें-
- जल: भगवान शिव के जलाभिषेक का विशेष महत्व है। मान्यता है कि शिवलिंग पर जल चढ़ाने से सुख-समृद्धि आती है।
- अक्षत: शिवलिंग पर अक्षत यानी बिना टूटे हुए चावल चढ़ाना अत्यंत शुभ होता है। कहते हैं कि ऐसा करने से आर्थिक स्थिरता मिलती है।
- शहद: शिवलिंग पर शहद चढ़ाने से आरोग्य का वरदान मिलने की मान्यता है।
- आक के फूल: भगवान शिव को आंकड़े का फूल अतिप्रिय है। इसे मदार का फूल भी कहा जाता है। मान्यता है कि इसे शिवलिंग पर चढ़ाने से मनवांछित फल प्राप्त होता है।
- शमी के फूल: शिवलिंग पर शमी के फूल चढ़ाने से योग्य जीवनसाथी मिलने की मान्यता है।
- चीनी युक्त दूध: शिवलिंग पर चीनी युक्त दूध चढ़ाने से मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है और सुख-शांति की प्राप्त होती है।
- गन्ने का रस: मान्यता है कि शिवलिंग पर गन्ने का रस से अभिषेक करने से भौतिक सुख-संपदा में वृद्धि होती है और जीवन में वैभव व ऐश्वर्य आता है।
- घी: शिवलिंग पर गाय का देसी घी चढ़ाने से कार्यों में सफलता मिलती है और मनमुताबिक परिणाम प्राप्त होता है।
- गंगा जल: मान्यता है कि शिवलिंग पर गंगा जल अर्पित करने से पापों से मुक्ति मिलती है और आध्यात्मिक विकास होता है।
- गेहूं: शिवलिंग पर गेहूं अर्पित करने से संतान सुख, वैवाहिक सुख व पारिवारिक सुख मिलने की मान्यता है।
- जौ: मान्यता है कि शिवलिंग पर जौ चढ़ाने से कार्यों की विघ्न-बाधा दूर होती है।
- तिल: मान्यता है कि शिवलिंग पर काले तिल चढ़ाने से पितृ दोष शांत होता है और पितरों का आशीर्वाद मिलता है। इसके साथ ही शनि के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
नोट : इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


